दुबई से बर्मिंघम आ रही अमीरात की फ्लाइट में एक व्यक्ति की चीख ने 347 यात्रियों की आंखों में आंसू और दिल में खौफ का जबरदस्त माहौल पैदा कर दिया। लोगों को लगा कि वह अब नहीं बचेंगे। लेकिन विमान के पायलट और क्रू सदस्यों की सूझबूझ से सब कुछ सही हो गया। मामला बीते साल फरवरी का है, जो अब जाकर अदालत की सुनवाई में खुला है। फिलहाल मामले की सुनवाई एक जुलाई तक स्थगित कर दी गई है। लेकिन सरकार 347 यात्रियों को रुलाने वाले शख्स को छोड़ने के मूड में नहीं है।
मिरर की खबर के मुताबिक, अमीरात की फ्लाइट में 38 साल का शहराज सरवर भी सफर कर रहा था। विमान के उड़ान भरने के बाद से ही उसका व्यवहार चौंकाने वाला था, वह न तो सीट बेल्ट लगा रहा था और न ही क्रू सदस्यों की कोई बात मान रहा था। बर्मिंघन के सॉल्टली के रहने वाले शहराज ने विमान के बर्मिंघन पहुंचने से पहले ही चिल्लाना शुरू कर दिया। वह जोर-जोर से ‘अल्लाह हू अकबर’ और ‘बूम’ चिल्लाने लगा।
शहराज के चिल्लाने से विमान में सवार 347 यात्री रोने लगे। सभी बुरी तरह आतंकित हो गए थे। एक यात्री ने अदालत में बताया, उसके चिल्लाने से लगा कि हम विमान में फंस चुके हैं। शायद ही बच पाएंगे। सभी यही सोच रहे थे कि कोई आतंकी घटना घटने वाली है। लगा कि विमान में बम फटेगा। लेकिन पायलट और क्रू सदस्यों ने हौसले का परिचय दिया और एयरपोर्ट को अलर्ट भेज दिया। इसके बाद जैसे ही विमान बर्मिंघम में लैंड हुआ। सुरक्षा अधिकारियों ने शहराज को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद यात्रियों ने चैन की सांस ली।
मामले में शहराज को अपने व्यवहार से लोगों को आतंकित करने का दोषी करार दिया गया है। पौने तीन घंटे तक ली नींद फिर फैलाया खौफ। मामले की जांच कर रहे अधिकारी पैट्रिक सुलिवन के मुताबिक, शहराज विमान में सवार होने के पौने तीन घंटे तक सोता रहा था। जब उसकी नींद खुली तो उसने एक क्रू सदस्य के पीछे तौलिया फेंका। इसके बाद उसने एक केक फेंका। वह बार-बार सिर को हाथ से पटक रहा था। फिर उसने चिल्लाना शुरू कर दिया।