जापान में शनिवार को अचानक से माउंट ओंटेक ज्वालामुखी के सक्रिय होने के बाद बचाव अभियान में लगे दल को इसकी चोटी के समीप अचेत अवस्था में 30 यात्री मिले हैं।
खबरों के मुताबिक यात्री सांस नहीं ले पा रहे थे और उनके दिल ने भी धडकना बंद कर दिया था। लेकिन जापान में डॉक्टरी जांच पूरी होने के बाद ही लोगों को मृत घोषित किया जाता है।
इस ज्वालामुखी की ढलान पर उस समय करीब 250 लोग फंसे थे, लेकिन उनमें से अधिकांश सुरक्षित उतरने में कामयाब रहे।
शनिवार की दोपहर में टोक्यो से 200 किलोमीटर दूर स्थित माउंट ओंटेक ज्वालामुखी के सक्रिय होने के बाद तेजी से राख और चट्टानें बाहर निकलने लगी।
रविवार को तलाशी अभियान में तेजी आने के बाद हेलिकॉप्टर से सात लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
बीबीसी के रूपर्ट विंगफील्ड हैव्स ने कहा कि अभी यह साफ नहीं है कि शनिवार को ज्वालामुखी विस्फोट की कोई चेतावनी क्यों नहीं दी गई।
जापान में ज्वालामुखी की करीब से निगरानी की जाती है और इसके सक्रिय होने का संकेत मिलने पर यात्रियों को आगाह किया जाता है, लेकिन इस बार ऐसा नहीं किया गया।