भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रत्यर्पण मामले में ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में आवेदन करने को लेकर माल्या की अपील को ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया है।
सूत्रों की मानें तो अब माल्या के बचने के सारे रास्ते खत्म हो चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब उसके पास कोई कानूनी रास्ता नहीं बचा है। ऐसे में अब उम्मीद है कि उसको महीने भर के अंदर भारत को सौंपा जा सकता है। दरअसल अब विजय माल्या को 28 दिनों के भीतर भारत भेजा जा सकता है। हालांकि, यह फैसला ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल को करना है।
ब्रिटेन के हाईकोर्ट की तरफ से माल्या को ऐसे समय में झटका लगा है, जब पिछले ही महीने माल्या की प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर याचिका को ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
हालांकि, पिछले कुछ समय से विजय माल्या बिना किसी शर्त के अपने कर्ज के 100 फीसदी हिस्से को वापस लौटाने की बात करता आ रहा है। इसी कड़ी में माल्या ने गुरुवार को अपने ट्विटर अकाउंट से एक ट्वीट कर कहा, "कोविड-19 राहत पैकेज के लिए सरकार को बधाई। वे उतना नोट छाप सकते हैं जितना कि वे चाहते हैं, लेकिन क्या मेरे जैसे एक छोटे से योगदानकर्ता के पेशकश की अनदेशी करनी चाहिए, जो राज्य के स्वामित्व वाले बैंक से लिए गए कर्ज को 100% वापस लौटाना चाहता है? कृपया बिना किसी शर्त के मेरे पैसे वापस लें और मामले को बंद करें।"
विजय माल्या विमानन कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस का प्रवर्तक है, जो अब बंद हो चुकी है। माल्या पर 9,000 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी का आरोप है। बता दें कि माल्या ने इस महीने की शुरुआत में भारत प्रत्यर्पण मामले में लंदन हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ ब्रिटेन के सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। ऐसे में अब देखना है कि विजय माल्या को लेकर ब्रिटेन की गृहमंत्री क्या फैसला लेती हैं।