दक्षिण अमेरिका देश वेनेजुएला के राष्ट्रपति ह्यूगो चावेज़ का निधन हो गया है। चावेज़ के निधन की आधिकारिक घोषणा उप-राष्ट्रपति निकोलस मदुरो ने की।
चावेज पिछले एक साल से कैंसर से जूझ रहे थे और उनकी कई बार सर्जरी की जा चुकी थी। सर्जरी के बाद चावेज़ सांसों से जुड़ी नई परेशानी का सामना कर रहे थे।
काफी दिनों से वे आम लोगों के बीच नहीं दिख रहे थे। पिछले महीने ही वे काफी दिनों बाद कराकास में आम जनता से मुखातिब हुए थे।
वेनेज़ुएला के उप-राष्ट्रपति ने कुछ देर पहले ही बताया था कि चावेज़ अपना 'सबसे मुश्किल समय' काट रहे हैं।
ह्यूगो चावेज़ के निधन पर दुनिया के कई नेताओं ने गहरा दु:ख जताया है। अर्जेंटीना क्रिस्टीना फर्नांडीज डी किर्चनर ने इस खबर को सुनने के बाद अपने सभी कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। वहीं पेरू की संसद ने एक मिनट का मौन रखा।
चिली और इक्वाडोर की सरकारों ने ह्यूगो चावेज़ के निधन पर आधिकारिक शोक संदेश भेजा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने कहा है कि ह्यूगो चावेज़ का निधन वेनेजुएला के लिए एक चुनौती भरा समय है। उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के लोगों के प्रति अपने समर्थन की एक बार फिर पुष्टि करता है।
षड्यंत्र
वेनेज़ुएला के नागरिकों ने उनकी मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है
वेनेजुएला के खिलाफ षड्यंत्र का ज़िक्र करते हुए उपराष्ट्रपति मदुरो ने कहा कि इस बात में कोई शक नहीं है कि साल 2011 में जब चावेज़ के कैंसर का पता चला था तो इसे लेकर हमारे दुश्मनों खासकर अमेरिका ने काफी दुष्प्रचार किया था।
उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में एक आयोग इस बात की जांच के लिए गठित किया जा सकता है कि क्या चावेज की बीमारी के लिए उनके दुश्मन जिम्मेदार थे।
मदुरो ने कहा कि सरकार ने देश भर में लोगों की हिफाजत और शांति के लिए सशस्त्र सेनाओं को तैनात कर दिया है।
इससे पहले उन्होंने कहा था कि उन्होंने वेनेजुएला की सेना की जासूसी के आरोप में दो अमेरिकी राजनयिकों को बर्खास्त कर दिया है।
इस बीच वेनेजुएला की सेना ने एक विज्ञप्ति जारी करके उप-राष्ट्रपति और संसद के प्रति वफादारी की बात दोहराई है।
वेनेजुएला के संविधान के मुताबिक वेनेजुएला की कांग्रेस के अध्यक्ष डियोसडाडो कैबेलो नए राष्ट्रपति का चुनाव होने तक अंतरिम राष्ट्रपति की भूमिका निभाएंगे।
लोकप्रिय और विवादित नेता
पिछले 14 सालों से वेनेजुएला के राष्ट्रपति रहे 58 वर्षीय समाजवादी नेता ह्यूगो चावेज़ ने पिछले साल अक्टूबर महीने में ही चुनाव जीते थे और अगले छह सालों के लिए उन्होंने जनादेश प्राप्त किया था।
ह्यूगो चावेज़ लातिन अमेरिका के सबसे मुंहफट और विवादास्पद नेताओं में से एक थे। सेना में पैराट्रूपर रहे चावेज़ साल 1992 में सैन्य तख्तापलट की विफल कोशिश के बाद नेता के तौर पर पहली बार सुर्खियों में आए थे।
फिर छह वर्ष बाद ही वेनेज़ुएला की राजनीति में मची उथल-पुथल के बाद वे जनाक्रोश की लहर पर सवार होकर राष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंच गए।
इसके बाद चावेज़ एक के बाद एक कई चुनाव और जनादेश अपने नाम करने में कामयाब होते गए। इनमें वो संवैधानिक जनादेश भी शामिल है जिसमें संविधान में बदलाव करके कहा गया था कि कोई व्यक्ति कितनी भी बार राष्ट्रपति बन सकता है।