अमेरिका के हॉलोकास्ट स्मारक संग्रहालय ने नोबेल शांति पुरस्कार विजेता म्यांमार की नेता आंग सान सू की पर रोहिंग्या मुस्लिमों के जातीय सफाए को रोकने की कोशिश न करने और इसमें नाकाम रहने का आरोप लगाते हुए उन्हें दिया गया प्रतिष्ठित मानवाधिकार सम्मान वापस ले लिया है।
म्यांमार में तानाशाह सैन्य शासन के दौरान 15 साल तक हिरासत में रह चुकी सू की साल 2012 में यह मानवाधिकार सम्मान हासिल करने वाली दूसरी शख्सियत रह चुकी हैं।
1991 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त सू की को साहसी नेतृत्व और निरंकुश शासन का विरोध करने के दौरान व्यक्तिगत बलिदान देने और म्यांमार (बर्मा) के लोगों की आजादी व सम्मान के लिए संघर्ष करने के लिए छह साल पहले ही हॉलोकास्ट म्यूजियम एली विसेल पुरस्कार दिया गया था।
संग्रहालय ने एक बयान में कहा कि म्यांमार सेना द्वारा रोहिंग्या समुदाय के लोगों के खिलाफ नरसंहार के बढ़ते सबूतों के कारण वह सू की को दिया सम्मान वापस ले रहा है। संग्रहालय ने उन्हें भेजे पत्र में कहा है कि रोहिंग्या मामले में सू की से कार्रवाई की उसे काफी उम्मीद थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
पत्र के मुताबिक, यहां तक कि आंग सान की राजनीतिक पार्टी ने भी संयुक्त राष्ट्र जांचकर्ताओं के साथ सहयोग करने से इनकार कर दिया। संग्रहालय के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर साल एक ऐसे प्रमुख व्यक्ति को यह अवार्ड दिया जाता है, जिनकी वैश्विक गतिविधियों से संग्रहालय का दृष्टिकोण उन्नत होता है।