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इजराइल ने संयुक्त राष्ट्र को दी चुनौती, अमेरिका को भी लगाई कड़ी फटकार

Wed, 28 Dec 2016 03:51 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, येरुशलम
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इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू
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हाल ही में इस्राइल द्वारा विवादित क्षेत्र में यहूदियों की बस्ती बसाने के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पारित होने के बावजूद इस्राइल उसी जगह पर बस्तियां बसाने पर अडिग है। इस्राइल सरकार ने चुनौतीपूर्ण लहजे में कहा कि वह पूर्वी येरुशलम में हजारों नए घर बनाएगी। उसने किसी भी कार्रवाई के लिए चेतावनी देते हुए कहा कि इस्राइल किसी भी गुस्ताखी पर चुपचाप होकर बैठने वाला नहीं है।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अमेरिका द्वारा वीटो न करने के बाद इस्राइल द्वारा फलस्तीन क्षेत्र में बसाई जा रही यहूदियों की बस्ती के खिलाफ कुछ ही दिन पहले प्रस्ताव पारित हो चुका है। लेकिन येरुशलम की स्थानीय निकाय सरकार ने संकेत दिए हैं कि वह अपनी कार्रवाई से अब पीछे नहीं हटेगी।

इस नई बसाहट के लिए 600 हाउसिंग यूनिटों को स्वीकृति दी जा चुकी है जिस पर फलस्तीन अपना दावा करता रहा है। यहां यहूदी बस्तियों के लिए कुल 5,600 नए घरों का निर्माण होना है। 
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इस बीच इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने सुरक्षा परिषद से जुड़े सभी देशों के साथ राजनयिक रिश्ते तोड़कर वहां से अपने राजदूत वापस बुला लिए हैं। पीएम ने अमेरिकी राजदूत को सभी सहयोग खत्म करते हुए उन्हें सम्मन जारी कर कड़ी फटकार भी लगाई।

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस सप्ताह अपनी यूक्रेन की पूर्व नियोजित यात्रा भी रोक दी है। उन्हें आशंका है कि बराक ओबामा अपने कार्यकाल के अंतिम दिनों में इस्राइल के खिलाफ और कड़े कदम उठाने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि - ‘इस्राइल एक राष्ट्रीय गौरवशाली देश है और वह किसी के आगे नहीं झुकेगा।’ उन्होंने कहा कि - ‘संयुक्त राष्ट्र ने हमारे साथ जो किया है वह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।’
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ट्रंप ने भी उड़ाया संयुक्त राष्ट्र का मजाक

अमेरिका को ललकारने वाली है इस्राइल की सख्त प्रतिक्रिया
इस्राइल के राजनीतिक नेतृत्व की इस नाराजगी को ललकारने वाली प्रतिक्रिया के रूप में देखा जा रहा है। इस उग्र रवैये के तहत राजनीतिक नेतृत्व ने अमेरिका पर भी आरोप लगाया कि उसने परिषद के प्रस्ताव को रोकने की कोई कोशिश तक नहीं की जबकि उसके इस्राइल के साथ लंबे समय से दोस्ताना संबंध रहे हैं। 

इस्राइल ने यहां तक दावा किया कि अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस काम के लिए अपनी खुफिया एजेंसी के  साथ गुप्त योजना भी बनाई थी। हालांकि अमेरिका को तुरंत इस दावे का खंडन करना पड़ा है। माना जा रहा है कि अगले महीने अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने तक ये हालात बने रहेंगे।

अच्छा समय बिताने का एक क्लब है संयुक्त राष्ट्र : ट्रंप 
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल मामले पर दोबारा अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की प्रभाव क्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि - यह सिर्फ लोगों के ‘अच्छा समय बिताने’ का एक क्लब है। ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा शुक्रवार को पश्चिमी तट और पूर्वी यरुशलम में इस्राइल के विरोध में मत डालने के बाद ट्विटर पर एक पोस्ट में यह बात कही। 

ट्रंप ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ‘एक महान शक्ति’ है लेकिन यह लोगों के लिए मिलने, बात करने और अच्छा समय बिताने का एक क्लब बन गया है, यह बहुद दुख की बात है।’ शुक्रवार को ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि ‘20 जनवरी के बाद संयुक्त राष्ट्र में चीजें पहले जैसी नहीं होंगी।’ 20 जनवरी को ट्रंप अमेरिकी राष्ट्रपति पद का कार्यभार संभालेंगे। 
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