संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस
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महामारी के बीच दुनियाभर के मुसलमान इस वर्ष रमजान को बहुत अलग ढंग से देख रहे हैं। मौजूदा हालात में रमजान के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरस ने कहा कि आतिथ्य और उदारता की इस्लामी परंपरा ऐसे समय में एक सबक है जब संघर्षरत क्षेत्रों के लोगों और संवेदनशील आबादी को गंभीर नतीजे भुगतने पड़ते हैं।
गुटेरस ने कहा, सबसे पवित्र माह रमजान में मुसलमान सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक उपवास रखते हैं। यह निश्चित रूप से बहुत ही अलग रमजान होगा। स्वाभाविक तौर पर सामुदायिक गतिविधियां प्रभावित होंगी।
उन्होंने कहा कि रमजान सबसे कमजोर लोगों को सहयोग देने के लिए है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने मुस्लिम विश्व में सरकारों और लोगों की प्रशंसा की जो आतिथ्य सत्कार और उदारता की सर्वोच्च इस्लामी परंपरा का पालन करते हुए संघर्षरत क्षेत्रों से भागने वाले लोगों की मदद करके अपने धर्म का अनुसरण करते हैं। उन्होंने कहा, यह महामारी एक मानवीय संकट है जो तेजी से मानवाधिकार संकट बनती जा रही है।
इंडोनेशिया : रमजान से पहले पाबंदियां बढ़ाईं
सर्वाधिक मुस्लिम आबादी वाले इंडोनेशिया ने रमजान की तैयारी शुरू होने के साथ जकार्ता में ाबंदियां 22 मई तक बढ़ा दी हैं। जकार्ता के गवर्नर एनीज बस्वेदान ने कहा कि यहां संक्रमण के 3,383 मामले सामने आए, जिनमें से 301 की मौत हुई हैं। देश भर 7,418 संक्रमित व 635 लोगों की मौत हुई है।
कहीं सख्ती तो कहीं रियायत
वियतनाम और न्यूजीलैंड जैसे कुछ देश तालाबंदी से निपटने को आगे बढ़े तो सिंगापुर और जापान जैसे अन्य देशों ने संक्रमण में वृद्धि को रोकने के लिए सख्ती दोगुनी कर दी। सिंगापुर में सैकड़ों नए मामले आ रहे हैं। दक्षिणी जापान में इटली के पोत के चालक दल के सदस्यों में संक्रमण के 14 नए मामले सामने आए हैं।