तुर्की में विफल तख्तापलट की कोशिश के बाद तुर्की और अमेरिका के रिश्तों में कड़वाहट आ रही है। तुर्की ने अब अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह पेंसिल्वेनिया स्थित इस्लामिक धर्म उपदेशक फतुल्लाह गुलेन की वजह से द्विपक्षीय संबंधों का त्याग न करे।
15 जुलाई को हुई तख्तापलट की कोशिश के बाद से तुर्की कह रहा है कि सरकार का तख्तापलट करने की कोशिश के पीछे अमेरिका में रह रहे तुर्की के धार्मिक उपदेशक फतुल्लाह गुलेन का हाथ है। तुर्की ने अमेरिका से गुलेन को प्रत्यर्पित करने की भी मांग की थी लेकिन अमेरिका ने मना कर दिया था।
तुर्की के जस्टिस मिनिस्टर बेकिर बोजदाग ने अंकरा में रिपोर्टर्स से बात करते हुए कहा,'अगर अमेरिका गुलेन को हमें नहीं सौंपता तो वे एक आतंकवादी की वजह से तुर्की और अमेरिका के संबंधों का त्याग करेगा।'
तुर्की लगातार अमेरिका से 75 वर्षीय गुलेन को अपने यहां विफल तख्तापलट के लिए ट्रायल का सामना कराने की मांग कर रहा है। गुलेन ने हालांकि विफल तख्तापलट में अपनी भूमिका से इंकार किया है।
खराब हो रहे हैं अमेरिका और तुर्की के संबंध
तुर्की के जस्टिस मिनिस्टर बेकिर बोजदाग
गुलेन के वकील ने कहा कि तुर्की ने गुलेन की भूमिका के दावे को सही साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं दिया है। जस्टिस मिनिस्टर बेकिर बोजदाग ने कहा कि अगर अमेरिका में किसी व्यक्ति ने हिंसा की होती और वे अगर तुर्की में होता तो अमेरिका की प्रतिक्रिया कैसी होगी।
उन्होंने आगे कहा,' क्या हो अगर छुट्टी पर गए ओबामा की बीवी और बच्चों समेत हत्या करने की कोशिश की जाए, या व्हाइट हाउस पर बमबारी हो, और टेंकों को लोगों पर चढ़ा दिया जाए, सैनिक जनता पर हेलीकॉप्टर से हमला करें, और इस सब के लिए जिम्मेदार आतंकवादी तुर्की में हो।'
तुर्की में जब सरकार का तख्तापलट करने की कोशिश की गई थी तो उस समय तुर्की के राष्ट्रपति दक्षिणी तुर्की में अपने परिवार के साथ छुट्टियों पर थे। तुर्की की पार्लियामेंट और राष्ट्रपति भवन पर भी हमले किए गए थे।
बेकिर बोजदाग ने कहा,'अमेरिका अगर गुलेन को नहीं सौंपता है, तो दो मित्र देश होने के बावजूद दोनों राष्ट्रों के बीच रिश्तों पर नकारात्मक असर पड़ेगा।'