'ट्री मैन' के नाम से चर्चित बांग्लादेश के अब्दुल बाजनदार
'ट्री मैन' के नाम से चर्चित हुए बांग्लादेश के अब्दुल बाजनदार के इलाज के बाद एक साल पहले लगा की वह पूरी तरह से ठीक हो गए हैं। करीब 10 सालों तक वह एक विचित्र बीमारी से पीड़ित थे। उनके हाथ और पैरों से पेड़ जैसी लताएं निकलने लगीं थी। दो साल पहले से उनका इलाज शुरू हुआ था और एक साल पहले अस्पताल में करीब 24 सर्जरी के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बीमारी से मुक्त घोषित कर घर भेज दिया था।
लेकिन एक साल बाद बाजनदार के हाथों में फिर से पेड़ जैसी लताएं निकलने लगी हैं जो उनकी विचित्र स्थिति को दर्शा रही है।
सर्जरी करने वाले डॉक्टर सामंता लाल सेन ने बाजनदार के इलाज को पिछले साल चिकित्सा के इतिहास में एक मील का पत्थर बताया था। उन्होंने अब मान लिया है कि बाजनदार का मामला अनुमान से कहीं ज्यादा पेचीदा लगता है।
अब्दुल बाजनदार की उम्र 27 साल है और वह रिक्शा चलाते थे। वह पिछले कई सालों से कोई काम धंधा नहीं कर पाए हैं। उनका परिवार उनके साथ अस्पताल में ही रहा। बाजनदार को अब यह डर सता रहा है कि अब वे कभी ठीक नहीं हो पाएंगे।
क्या है 'ट्री-मैन रोग' रोग?
'ट्री मैन' के नाम से चर्चित बांग्लादेश के अब्दुल बाजनदार
बाजनदार जनवरी 2016 को ढाका के अस्पताल में पहली बार इलाज के लिए पहुंचे थे। न्यूज एजेंसी एएफपी से उन्होंने कहा है कि, 'अब मैं कोई भी और सर्जरी से डर रहा हूं। मुझे नहीं लगता कि मेरे हाथ और पैर फिर से ठीक हो पाएंगे।'
बाजनदार एपिडर्मोडाइप्लेसिया वेर्रूसीफॉर्मिस से ग्रस्त हैं। यह एक बेहद दुर्लभ आनुवंशिक स्थिति जिसे 'ट्री-मैन रोग' कहा जाता है।
बाजनदार की हालत देखकर ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों में जिज्ञासा पैदा हुई और उन्होंने उनका मुफ्त में इलाज किया। डॉक्टरों ने सर्जरी कर उनके हाथों और पैरों से पांच किलो से ज्यादा पेड़ की लताएं हटाई।
वह अपनी पत्नी और परिवार के साथ अस्पताल के एक छोटे से कमरे में रह रहे हैं।
दुनिया भर में 6 से भी कम लोगों को है यह बीमार
ढाका मेडिकल कॉलेज में 'ट्री गर्ल' का इलाज हुआ था
डॉक्टर सेन का कहना है कि, 'हमने सोचा था कि हमने इलाज मिल गया है। लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि इस मामले में बहुत समय लगेगा। उन्होंने कहा कि, 'हम कामयाबी तक पहुंचने के लिए जांच करते रहेंगे, हालांकि यह कहना मुश्किल है कि इसमें कितना समय लगेगा।'
इस हफ्ते बाजनदार की 25वीं सर्जरी हुई ताकि उनके हाथों से कुछ लताओं के हटाया जा सके।
सेन के मुताबिक, दुनिया भर में 6 से भी कम लोगों को एपिडर्मोडाइप्लेसिया वेर्रूसीफॉर्मिस नाम की बीमारी है।
पिछले साल ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने एक बांग्लादेशी लड़की का इलाज किया था जिसे यही बीमारी थी।