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ब्रिटेन में इस्लाम छोड़ने वालों को 'यातनाएं', क्या है मामला?

Tue, 29 Sep 2015 04:52 PM IST
समीरा अहमद/बीबीसी संवाददाता
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कई लोगों को लगता है कि हर किसी को ये अधिकार हासिल है कि वो जिस मजहब में पैदा हुआ है उसको छोडकर किसी दूसरे धर्म को अपनाए का या फिर किसी भी मजहब में न जाए। लेकिन सच है कि इस अधिकार का प्रयोग हर कोई नहीं कर पाता है।
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हालांकि जनगणना में इसका जिक्र नहीं है लेकिन आंकडे दिखाते हैं कि इंग्लैंड और वेल्स में 2001 के बाद ऐसे लोगों की संख्या दोगुनी हुई है जो कहते हैं कि वो किसी मजहब को नहीं मानते। इन्हीं दस सालों के दौरान दोनों क्षेत्रों में मुस्लिमों की संख्या में अस्सी फीसदी की बढोतरी दर्ज की गई है और वो 27 लाख पहुंच गई है।

ब्रिटेन के कुछ शहरी मुसलमानों का मानना है कि इस्लाम को छोडना गुनाह है और इसकी सजा मौत भी हो सकती है। इनमें से लगभग आधे ब्रिटेन में पैदा हुए थे और इनकी उम्र 24 साल से कम है। बीबीसी ने अपनी खोज में पाया कि ब्रिटेन के अंदर इस्लाम छोडने या छोडने का इरादा रखने वाले मुसलमान नौजवानों को धमकियां मिल रही है, उन्हें डराया जा रहा है और उनका समुदाय से बहिष्कार किया जा रहा है।
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कर रही थी अध्ययन

कई मामलों में तो उन्हें गंभीर शारीरिक यातनाओं का भी शिकार होना पड रहा है। स्थानीय काउंसिलें भी हैं जिन्हें इस मसले पर कम जानकारी है कि मुसीबत में फंसे इन नौजवानों को कैसे बचाया जाए। धर्मपरिवर्तन को लेकर ब्रिटेन में कोई आधिकारिक आकडा मौजूद नहीं है।

हां व्यक्तिगत मामलों को लेकर कुछ अध्ययन मौजूद हैं। लेकिन इस्लाम छोड चुके ये नौजवान ऑनलाइन अपने अनुभवों को साझा कर रहे हैं। लंकाशायर की आयशा (वास्तविक नाम नहीं) सिर्फ 14 साल की थीं जब उन्होंने इस्लाम को लेकर सवाल करने शुरू कर दिए।  वो कुरान का अध्ययन कर रही थीं।

उन्होंने हिजाब पहनने से मना कर दिया और आखिरकार फैसला लिया कि वो इस्लाम छोड रही हैं। उसके बाद तो घर में हालात बुरे हो गए।
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पीटने लगे पिता

वो बताती हैं, "मेरे पिता ने मेरे गले पर चाकू रखकर मारने की धमकी दी और कहा कि अगर मैं ऐसा करके परिवार को शर्मिंदा करती हूं तो वो मुझे मार सकते हैं।"

उनके पिता उन्हें बुरी तरह से पीटने लगे। आखिरकार आयशा को पुलिस को बुलाना पडा और उनके पिता को बच्चे के साथ क्रूर व्यवहार का दोषी पाया गया। 25 साल की आलिया (वास्तविक नाम नहीं) यूनिवर्सिटी की पढाई के दौरान इस्लाम छोड चुकी थीं।

वो मानती हैं कि अब वो अपने घर वापस नहीं लौट सकती हैं। उनके परिवार वालों ने उनकी शादी तय कर रखी थी। आलिया इस्लाम छोड चुके लोगों को ऑनलाइन सलाह देती हैं कि अपने मां-बाप को इस बारे में बताने से पहले वो आर्थिक रूप से स्वतंत्र बने ताकि वो आगे आने वाले हालात का सामना कर पाए।
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