फ्रांस के एक और शहर में बुर्किनी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। दरअसल यह फैसला कोर्सियन गांव और नॉर्थ अफ्रीकन लोगों के बीच भड़के दंगे के बाद लिया गया है। हिंसा के चलते शनिवार को आइसलैंड की राजधानी बस्तिया के सिसको गांव में 100 पुलिस वालों को बुलाना पड़ा। हालांकि दंगे के कारणों का स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है।
स्थानीय प्रेस के मुताबिक हिंसा तब शुरू हुई जब टीनएजर्स के एक समूह और उनके परिवारों ने बुर्किनी पहन स्विमिंग कर रही महिला की तस्वीरें उतारनी शुरू कर दी। बुर्किनी पहनी महिला के चेहरे के अलावा पूरा शरीर ढका रहता है और यह इस्लामी कायदे कानून के ढांचे में पूरी तरह फिट बैठता है। बुर्किनी को खासतौर पर स्विमिंग के लिए डिजाइन किया गया है।
हालांकि घटना को देखने वाली एक नाबालिग लड़की ने अलग ही कहानी सुनाई है। लड़की के मुताबिक तीन लोग एक टूरिस्ट के साथ बहस कर रहे थे, उन पर बुर्किनी पहनी एक महिला की तस्वीरें लेने का आरोप था। हालांकि फ्रांस की मीडिया ने लड़की को नाबालिग के तौर पर मेंशन किया है।
पत्थर और बोतलों से हमला
सागर किनारे खड़ी बुर्किनी पहनी महिला
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हिंसा तब शुरू हुई जब पास के गांव से 40 लोग आए और भिड़ गए। पत्थर और बोतलों से एक दूसरे पर हमले किए। हिंसा में तीन कारों को जला दिया गया। मामले को संभालने के लिए अधिकारियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
घटना के बाद पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चश्मदीद लड़की ने कहा कि एक लड़के और उसके पिता को बर्छी से मारा गया।
दंगे के बाद 200 प्रदर्शनकारियों का दल मार्च करते हुए लूपिनो जिले के शहर पहुंचा और नारेबाजी की। लूपिनो को नॉर्थ अफ्रीकन का घर माना जाता है। प्रदर्शनकारी 'दिस इज ऑवर होम' के नारे लगा रहे थे।
बुर्किनी बनी राजनीतिक मुद्दा
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स्थानीय प्रशासन ने दंगे और गैंगवार की जांच शुरू कर दी है। फ्रांस के आतंरिक मंत्री ने घटना की निंदा करते हुए पूरी जांच का आश्वासन दिया है।
इन सबके बीच मेयर पियरे-आंगे विवोनी ने इस इलाके में बुर्किनी पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह आधिकारिक रूप से तीसरे शहर में हुआ है। इससे पहले कॉन्स के फ्रेंच रिवेरा रिसॉर्ट और विलेन्यूव लौउबेट में भी बुर्किनी को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि बुर्किनी फ्रांस में सामाजिक और राजनीतिक रूप से बड़ा मुद्दा बन गई है। इस साल की शुरुआत में एक मंत्री ने बुर्किनी को फैशन कलेक्शन में शामिल करने के लिए बड़े ब्रांडों को फटकार लगाई थी। मंत्री का आरोप था कि बड़े फैशन लेवल बुर्किनी के जरिए महिला के शरीर को कैद कर रहे हैं।