श्रीलंका में सरकार के एक प्रवक्ता ने दावा किया है कि महिंदा राजपक्षे ने सत्ता में बने रहने के लिए सेना से मदद मांगी थी लेकिन सेना ने मदद से मना कर दिया था। हालांकि सेना के एक प्रवक्ता का कहना है कि उन्हें राजपक्षे की ओर से इस तरह के किसी आग्रह के बारे में जानकारी नहीं है।
सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक, नवनिर्वाचित राष्ट्रपति मैथ्रिपाला सिरिसेना ने प्रेस की आजादी सुनिश्चित करने का वादा किया है और राजनीतिक रूप से असंतुष्ट लोगों को घर वापसी के लिए आमंत्रित किया है।
श्रीलंका की सरकार ने असंतुष्ट लोगों या समूहों द्वारा संचालित वेबसाइट पर लगे प्रतिबंध को फौरन हटाने, नेताओं और पत्रकारों की फोन टैपिंग और उन पर निगरानी ख़त्म करने का भी आदेश दिया है।
सिरिसेना से पहले राष्ट्रपति रहे महिंदा राजपक्षे की इस बात के लिए काफी आलोचना होती रही है कि उन्होंने असहमति रखने वालों को बर्दाश्त नहीं किया।