मुंबई को 2008 में दहलाने वाले आतंकवादी हमले से जुड़ा मोहम्मद उस्मान गनी आईएस की साजिश को अंजाम देने के लिए शरणार्थियों की आड़ में यूरोप पहुंच गया था। उसे ऑस्ट्रिया से गिरफ्तार कर लिया गया है। उस्मान पाकिस्तानी नागरिक है और लश्कर-ए-ताइबा और लश्कर-ए-झांगवी से जुड़ा है। वह बम बनाने में माहिर बताया जाता है।
अखबार संडे टाइम्स में छपी खबर के अनुसार 34 वर्षीय उस्मान के साथ अल्जीरियाई मूल का आदेल हदादी (28) भी पकड़ा गया है। उस पर आईएस का लड़ाका होने का शक है। इन दोनों के तार पिछले साल नवंबर में पेरिस में हुए आतंकी हमले से भी जुड़े हैं। इस वारदात में 130 लोग मारे गए थे। ऑस्ट्रिया के साथ फ्रांस के सुरक्षा अधिकारी भी दोनों से पूछताछ कर रहे हैं। जांच से जुड़े एक अधिकारी के हवाले से खबर आई है कि यूरोप में आईएस के कई सदस्य मौजूद हैं। ऐसे में ब्रिटेन समेत पूरे यूरोप पर कई हमलों का खतरा मंडरा रहा है।
जांच कर्ताओं का मानना है कि आईएस ने पिछले साल यूरोप में कई लड़ाकू दल भेजे थे। ये दोनों आतंकी भी उसी का हिस्सा हैं। हदादी और उस्मान तीन अक्टूबर को ग्रीक आईलैंड पर उसी बोट से पहुंचे थे, जिसमें पेरिस पर हमला करने वाले दो फिदायीन सवार थे। सुरक्षा एजेंसियां इन्हें अहमद अल मोहम्मद और मोहम्मद अल महमूद के नाम से जानती हैं। हालांकि ये इनका असली नाम नहीं है। ग्रीक पुलिस की जांच में पता चला है कि चारों आतंकियों के पास सीरिया का पासपोर्ट था।
दरअसल ग्रीक पुलिस के पास ऐसे करीब चार हजार पासपोर्ट की जानकारी थी, जिन्हें आईएस ने चोरी किया था। चारों आतंकियों के दस्तावेज चोरी गए पासपोर्ट से मेल खा रहे थे। हालांकि बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया और यूरोप में आगे की यात्रा की मंजूरी दे दी गई। पेरिस हमले के बाद उस्मान और हदादी ऑस्ट्रिया भाग गए थे।