तालिबान ने काबुल के स्थानीय लोगों को सैन्य प्रतिष्ठानों से दूर रहने की चेतावनी जारी की है। चेतावनी में कहा गया है कि तालिबान काबुल में मौजूद दुश्मन देशों के सैन्य प्रतिष्ठानों पर जल्द हमले करेगा। पिछले सप्ताह भी तालिबान ने फराह में हमले की नाकाम कोशिश की थी। माना जा रहा है कि ये चेतावनी संयुक्त राष्ट्र के उस बयान के बाद जारी की गई है, जिसमें कहा गया था कि काबुल नागरिकों के लिए सबसे जोखिम वाली जगह है।
तालिबान ने कहा कि वे एक भी आम अफगान नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते। वे सिर्फ दुश्मनों के सैन्य और खुफिया ठिकानों को नष्ट करने के लिए हमले करेंगे। इसलिए यह चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, तालिबान ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह किसे सैन्य व खुफिया ठिकाने मानता है। काबुल जैसी घनी आबादी वाली जगह पर आम नागरिकों को नुकसान पहुंचाए बिना खुफिया, सरकारी और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों को अंजाम देना नामुमकिन है। जगह-जगह चेक प्वाइंट होने के कारण अकसर सरकारी प्रतिष्ठानों के आसपास जाम जैसी स्थिति हो जाती है।
छोटे से छोटे धमाके में मरेंगे निर्दोष
राजनीतिक व सैन्य विशेषज्ञ निक मोहम्मद का कहना है कि सैन्य प्रतिष्ठान शहर के बीचों-बीच हैं। आसपास आम लोगों के घर भी हैं। ऐसे में छोटे से छोटे धमाके में भी निर्दोष लोगों की मौत होगी। अगर वे शहरों में लड़ेंगे तो निश्चित तौर पर निर्दोष लोग मरेंगे। जनवरी में
तालिबान के एक हमले में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मिशन के मुताबिक 2017 के दौरान सिर्फ काबुल में 1,831 लोगों की मौत तालिबान हमले में हुई थी।