एक अधिकारी ने कहा कि तालिबान ने यह फैसला धार्मिक विद्वानों और लोगों की शिकायत के बाद लिया है। उनका कहना है ऐसी जगह पर पुरुषों और महिलाओं के साथ-साथ बैठने की शिकायत मिल रही थी।
तालिबान औरतों पर एक के बाद एक कड़ी पाबंदियां लगा रहा है। जहां एक ओर महिलाएं अपने हक के लिए आवाज उठा रही हैं। वहीं दूसरी ओर, तालिबान उनकी स्वतंत्रता को छीन रहा है। ऐसे में उसने एक और फैसला सुनाया है कि अफगानिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हेरात प्रांत में परिवारों और महिलाओं का बगीचों या हरे-भरे स्थानों वाले रेस्तरां में जाना प्रतिबंधित रहेगा।
एक अधिकारी ने कहा कि तालिबान ने यह फैसला धार्मिक विद्वानों और लोगों की शिकायत के बाद लिया है। उनका कहना है ऐसी जगह पर पुरुषों और महिलाओं के साथ-साथ बैठने की शिकायत मिल रही थी।
नई-नई पाबंदियां
अधिकारियों का कहना है कि महिलाओं और पुरुषों के साथ-साथ बैठने और कथित तौर पर हिजाब सही ढंग से नहीं पहनने के कारण यह प्रतिबंध लगाया गया है। यह प्रतिबंध केवल हेरात में महिलाओं के लिए लागू है, जबकि ऐसे परिसर पुरुषों के लिए खुले रहेंगे।
मीडिया रिपोर्ट का खंडन
हेरात में सदाचार निदेशालय के एक उप अधिकारी बाज मोहम्मद नजीर ने मीडिया रिपोर्ट का खंडन किया है, जिसमें यह कहा जा रहा है कि महिलाओं को सभी रेस्तरां में जाने से मना कर दिया है। उनका कहना है कि यह प्रतिबंध सभी रेस्तरां पर नहीं लगाया गया है। यह केवल पार्क जैसे हरे क्षेत्रों वाले रेस्तरां पर लागू होता है, जहां पुरुष और महिलाएं मिल सकते हैं।
सभी रेस्तरां पर प्रतिबंध नहीं
नजीर ने उन रिपोर्टों का भी खंडन किया कि जिसमें बताया जा रहा है कि प्रांत में विदेशी फिल्मों, टीवी शो और संगीत की डीवीडी की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया है।इस पर उन्होंने कहा कि व्यापार मालिकों को इस सामग्री को बेचने के खिलाफ सिर्फ सलाह दी गई थी क्योंकि यह इस्लामी मूल्यों का खंडन करती है। नजीर ने कहा कि जिन दुकानदारों ने सलाह पर अमल नहीं किया, उनकी दुकानें बंद कर दी गईं।