फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मौसमी के जूस के साथ है दवा खतरनाक

Sat, 01 Dec 2012 08:31 AM IST
बीबीसी हिंदी
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि जानकारी के अभाव में मौसमी के जूस के साथ कुछ दवाओं का सेवन किया जाए तो वो काफी खतरनाक हो सकता है।
विज्ञापन


शोधकर्ताओं ने इसकी पहचान करते हुए कहा कि ऐसी कई दवाइयां हैं जो मौसमी के जूस के साथ काफी खतरनाक हो जाती है। शोधकर्ताओं का ये अध्ययन कनाडा के मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में छपा है।

कनाडा के लॉसन स्वास्थ्य अनुसंधान संस्थान की टीम का कहना है कि मौसमी के जूस के साथ गंभीर कुप्रभाव पैदा करने वाली ऐसी दवाओं की संख्या साल 2008 में 17 थी और अब साल 2012 में बढ़कर 43 हो गई है।
विज्ञापन


शोधकर्ताओं ने शर्तों के साथ दवाओं के इस्तेमाल की एक सूची बनाई है। इसमें रक्तचाप, कैंसर और कोलेस्ट्रॉल को घटाने वाली और वो दवाएं हैं जो अंग प्रत्यारोपण के बाद शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल में लाई जाती हैं।

शरीर पर दुष्प्रभाव
शोधकर्ताओं का कहना है कि मौसमी के रस में मौजूद रसायन उस एंजाइम को ख़त्म कर देता है जो दवाओं का विघटन करता है। इसका मतलब यह है कि पाचन तंत्र से शरीर में दवा की जितनी मात्रा आती है, हमारा शरीर उसे संभाल नहीं सकता।

परीक्षण के दौरान पाया गया कि एक गिलास पानी की बजाय मौसमी के रस के साथ रक्तचाप की एक दवा ‘फ्लोडिपाइन’ लेने से शरीर में उसकी मात्रा तीन गुना तक बढ़ गई।

विभिन्न दवाओं का शरीर पर पड़ने वाला कुप्रभाव भी अलग-अलग होता है। शरीर पर पड़ने वाले कुप्रभावों में पेट में रक्त स्राव, दिल की धड़कन में बदलाव, गुर्दे की क्षति और अचानक मौत शामिल हैं।

एक शोधकर्ता डॉ. डेविड बेली ने बीबीसी को बताया, "मौसमी के रस के साथ एक गोली लेने का असर वैसा ही हो सकता है जैसा एक गिलास पानी के साथ पाँच या फिर दस गोली ले ली जाएं। लोगों का कहना है कि उन्हें इस पर विश्वास नहीं है लेकिन मैं आपको दिखा सकता हूँ कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ये सही है।''

उऩका कहना था, "आप अनजाने में ही मौसमी के एक गिलास जूस के साथ दवा के स्तर को जहरीले स्तर तक ले जा सकते हैं।"

जानकारी का आभाव
रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम कर रहे लोगों में जागरुकता की कमी की वजह से ही ऐसा हो रहा है। नींबू जैसे खट्टे कुछ अन्य रसीले फल भी इसी तरह का दुष्प्रभाव पैदा करते हैं।
विज्ञापन


रॉयल फ़ार्मास्यूटिकल सोसायटी के नील पटेल का कहना है,"सिर्फ मौसमी जैसे फल ही नुकसान नही पहुंचाते बल्कि कुछ और भी हैं।जैसे दूध। उदाहरण के लिए अगर दूध और एंटीबायोटिक दवा को एक साथ लिया जाए तो इससे एंटीबायोटिक दवा का असर रुक सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें