अमेरिका और रूस ने सीरिया में 27 फरवरी से संघर्ष विराम की घोषणा की है। समझौत शुक्रवार आधी रात से प्रभावी होगा। इस घोषणा के बाद सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल असद ने देश में संसदीय चुनाव कराने की घोषणा की है। असद की घोषणा के मुताबिक चुनाव इस साल अप्रैल में कराए जाएंगे।
सीरिया में पिछले चुनाव चार साल पहले हुए थे। सीरिया में सक्रिय दो इस्लामी चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट और अल नुसरा फ़्रंट इस समझौते का हिस्सा नहीं हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति बराका ओबामा और रूसी राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत के बाद संघर्ष विराम समझौते की घोषणा की गई।
सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत स्टाफ़न डे मिस्तूरा ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती इस संघर्ष विराम को ज़मीनी स्तर पर लागू कराने की है। सहमति के मसौदे के मुताबिक़ सप्ताहांत तक अमेरीकी विदेश मंत्री जॉन केरी और रूसी विदेश मंत्री की मुलाक़ात होनी है। उधर सीरिया में हिंसा जारी है।
रविवार को होम्स और दमिश्क पर हुई बमबारी में 140 लोग मारे गए थे। सीरिया में संघर्ष की शुरूआत के बाद से अब तक क़रीब ढाई लाख लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं करीब 1.1 करोड़ लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। इनमें से 40 लाख लोगों को सीरिया छोड़कर जाना पड़ा है।