बांग्लादेश की सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के खिलाफ 2007 के एक भ्रष्टाचार मामले में कार्यवाही को रोकने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया।
उन पर कथित तौर पर सरकारी खजाने को 12 करोड़ डॉलर से अधिक का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। ऐसे में उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। चीफ जस्टिस सुरेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता वाली चार सदस्यीय बेंच ने जिया की याचिका ठुकरा दी।
जिया ने कहा था कि उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप राजनीति से प्रेरित हैं। 72 वर्षीय जिया पर आरोप है कि 2001 से 2006 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान उन्होंने ढाका और चटगांव में अंतर्देशीय डिपो में कंटेनर प्रबंधन के लिए ग्लोबल एग्रो ट्रेड प्राइवेट कंपनी लिमिटेड (गैटको) को अनुबंध दिया था।
इसके बाद देश के भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एसीसी) ने जिया पर आरोप लगाया था कि उनके द्वारा जारी किया गया अनुबंध सरकारी नियमों का उल्लंघन है और इससे देश को करीब 12.4 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है।
एसीसी ने इस मामले में जिया उनके छोटे बेटे अराफात रहमान (जिनकी 2015 में मौत हो चुकी है) और 11 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।