लंबे समय से अपेक्षित उत्तर और दक्षिण कोरियाई नेताओं के बीच बातचीत का समय अब तय हो चुका है। दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई-इन और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन के बीच यह तीसरी शिखर वार्ता सितंबर माह के अंत में उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग में आयोजित होगी। फिलहाल इसके लिए कोई तिथि तय नहीं की गई है।
दोनों देशों के अधिकारियों के बीच सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक के बाद इस शिखर वार्ता को लेकर सहमति बनी है। इससे पहले कोरियाई देशों के असैन्यीकृत शांति क्षेत्र पनमुनजोम में अप्रैल में दोनों नेताओं के बीच हुई ऐतिहासिक शिखर वार्ता में अगली मुलाकात के लिए मून के प्योंगयांग जाने पर सहमति बनी थी।
सोमवार को हुई इस उच्च स्तरीय बैठक से पहले दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे एकीकरण मंत्री चो म्योंग-ग्योन ने कहा, ‘हम पनमुनजोम घोषणा पर प्रगति की समीक्षा करेंगे और अगले कदमों पर चर्चा करेंगे।’
योनहाप समाचार समिति के मुताबिक चो ने संभावना जताई कि उत्तर कोरियाई देश उनके सामने प्रतिबंध के मुद्दे को उठा सकता है। उन्होंने कहा, ‘हम उत्तर कोरिया के समक्ष अपना रुख स्पष्ट करेंगे।’
बता दें कि पूर्व में शत्रु रह चुके दोनों पड़ोसी देशों के बीच इस साल तेजी से शुरू हुए मेल-मिलाप ने जून में सिंगापुर में अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और किम के बीच ऐतिहासिक शिखर वार्ता का मार्ग प्रशस्त किया। विश्लेषकों का कहना है कि मून अमेरिका और उत्तर कोरियाई के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते है।