नानायक्कारा ने एक वीडियो मैसेज में कहा, वह मनमाने तरीके से राजनीतिक नियुक्तियों को स्वीकार नहीं करते और लोकतंत्र की रक्षा और समर्थन के लिए विक्रमसिंघे का समर्थन करते रहेंगे। नानायक्कारा ने यह घोषणा ऐसे समय की जब कुछ घंटे पहले ही सिरीसेना ने सार्वजनिक रूप से कहा कि लोगों को इस बात पर शक नहीं करना चाहिए कि हमें 225 में से 113 सदस्यों का बहुमत प्राप्त है।