दक्षिण कोरिया के मेगा चर्च के पादरी जैरॉक ली जिसने भगवन यीशु के नाम पर 8 महिलाओं से दुष्कर्म के दोषी ठहराया गया है। जिसके बाद गुरुवार को 15 साल की सजा सुनाई गयी। वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, पादरी ने पीड़ितों से कहा कि वो भगवान के दिए हुए आदेशों का पालन कर रहा है।
अपने फैसले में कोर्ट ने बताया कि पीड़ित महिलाएं मानसिक तौर पर पादरी ली के आदेशों का पालन करने को बाध्य थीं। बता दें कि पीड़ित महिलाएं बचपन से चर्च जा रही हैं और उनके अनुसार ली के आदेशों का पालन करना उनके लिए स्वर्ग का रास्ता बनाएगा।
महिलाओं के इसी विचारधारा का फायदा पादरी ने उठाया और उनके साथ दुष्कर्म किया। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, पादरी जैरॉक ली मनमिन सेंट्रल चर्च के प्रमुख हैं, जिसके करीब 133000 अनुगामी हैं और पुरे विश्व में कम से कम 10000 शाखाएं हैं।
बता दें कि ली को वर्ष 1999 में कोरिया की ईसाई कॉउंसिल से उसके विधार्मिक विचारों के कारण निकाल दिया गया था। कोर्ट के अनुसार, जांच के दौरान ली ने तथ्यों से साफ इंकार किया और अपने किये गए कुकर्म का कोई पछतावा भी जाहिर नहीं किया। करीब 20 सालों से ली अपनी ताकत का गलत फायदा उठा कर महिलाओं को बहला फुसला के उनके साथ दुष्कर्म करता था।