बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यक हैं और सत्ताधारी आवामी लीग की स्थापना के समय से ही इस पार्टी का समर्थन करते आए हैं। चूंकि देश के भीतर दिसंबर में चुनाव हैं और वर्तमान में मुख्य विपक्षी दल के प्रति लोगों में सहानुभूति और शेख हसीना के प्रति सत्ता में रहने का असंतोष उभर रहा है।
ऐसे में पार्टी प्रमुख ने अल्पसंख्यकों की भावनाओं का ख्याल करते हुए यह बड़ी कार्रवाई की है। एक अधिकारी ने कहा कि यदि शेख हसीना सफल हुईं तो यह विश्व में एक उदाहरण होगा जब कोई इस्लामिक देश पूरी तरह धर्मनिरपेक्ष, समावेशी और लोकतांत्रिक होगा।