कई दशकों से बरमूडा ट्रैंगल रहस्य बना हुआ था लेकिन अब जाके इस गुथ्थी को वैज्ञानिकों ने सुलझा लिया है। माना जाता है कि क्षेत्र से गुजरे हुए समुद्री विमान और प्लेन एकाएक गायब हो जाते थे। हालांकि ऐसा क्यों हो जाता है इस बारे में अभी तक कुछ मालूम नहीं था।
एक अनुमान के मुताबिक पिछले 70 साल तक कोई वैज्ञानिक वहां जाकर इस रहस्य से पर्दा उठाने की हिम्मत नहीं दिखा पाया, क्योंकि वहां से गुजरने वाले समुद्री विमान और प्लेन विशेष भौगोलिक कारणों की वजह से अचानक समुद्री गर्त में घुसकर गायब हो जाते थे। और लोग इन जहाजों के गायब होने की वजह को रहस्य मानते रहे।
कुछ लोग तो यहां तक कहते थे कि उस क्षेत्र में एलियंस वगैरह रहते हैं। बरमूडा ट्रैंगल को शैतान के त्रिकोण के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्र उत्तर पश्चिम अटलांटिक महासागर का एक भाग है जिसमें कई प्लेन और समुद्री विमान गायब हुए हैं।
बरमूडा ट्रैंगल के रहस्य के बारे में ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिक ने बताया कि वहां की अलौकिक भौगोलिक स्थिति और खराब मौसम की वजह से अटलांटिक महासागर के उस क्षेत्र में समुद्री विमान और प्लेन गायब हो जाते थे। उस क्षेत्र पर चुंबकीय घनत्व के प्रभाव की बात भी स्वीकार की गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक बरमूडा ट्रैंगल का यह क्षेत्र 700,000 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।यह क्षेत्र भूमध्य रेखा के नजदीक है, और अमेरिका के पास है।
बता दें कि फ्लाइट 19 (Flight 19) इस क्षेत्र से गायब हुई थी। यह TBM युद्धक बमवर्षक विमान की एक प्रशिक्षण उड़ान थी जो अटलांटिक के ऊपर से गुजरते हुए 5 दिसंबर, 1945 को गायब हुई थी। एक और प्लेन सन 1872 में मेरी सेलेस्टी (Mary Celeste) के रहस्यमय ढंग से लापता हो जाने का मामला भी आया था इसके अलावा इस क्षेत्र से कई अन्य प्लेन और समुद्री विमानों के लापता होने का भी मामला सामने आया था।