पश्चिमी नेपाल के पर्वतीय इलाके में स्थित नगरों एवं कस्बों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत अब तक कम नहीं हुई है। इन स्थानों के लिए महेंद्रनगर मंडी से पेट्रोल-डीजल आता है। पिछले दिनों सीमा पर हुई नाकेबंदी के बाद से अब तक दार्चुला, जौलजीबी समेत अन्य स्थानों पर सप्लाई सामान्य नहीं हो पाई है।
ऐसे में महाकाली को पार कर ईंधन की तस्करी की आशंका बढ़ने लगी है। हालांकि नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी और पुलिस ने इस तरह की गतिविधियों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं।
बताया गया है कि पश्चिमी नेपाल के पर्वतीय इलाकों में पेट्रोल-डीजल की किल्लत बनी होने के कारण दार्चुला से महेंद्रनगर और बैतड़ी जाने वाली जीपों का संचालन कई दिनों से बंद है।
अब नाकेबंदी तो समाप्त हो गई है, लेकिन पर्वतीय इलाके में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य नहीं हो पाई है। ऐसे में महाकाली में चौड़े घाटों से नेपाल को पेट्रोल-डीजल की तस्करी की आशंका बढ़ने लगी है।
पेट्रोल की कीमत 250 रुपये तक पहुंची
नेपाल के नगरों में ईंधन की किल्लत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि दार्चुला में इन दिनों पेट्रोल 250 रुपये (नेपाली मुद्रा) प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
महेंद्रनगर से थोड़ी मात्रा में यहां पेट्रोल आ रहा है। उसके दाम भी आसमान छूने लगे हैं। सामान्य समय में यहां पर पेट्रोल 100 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिल जाता था।
नेपाल सीमा पर जौलजीबी, बलुवाकोट और धारचूला में तो पुलिस थाने हैं। इन स्थानों पर एसएसबी के जवान तैनात रहते हैं, जो पूरी सीमा पर गश्त करते हैं। इसके बावजूद छारछुम, नया बस्ती, दोबाट, ऐलागाड़ में नदी के चौड़े घाटों से नेपाल को तस्करी की आशंका बनी रहती है।
सीओ हिमांशु साह ने बताया कि जौलजीबी, बलुवाकोट और धारचूला के थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में गश्त तेज करने को कहा गया है।
अब तक नेपाल की तरफ ईंधन तस्करी का कोई मामला पकड़ में नहीं आया है। जिन स्थानों पर नदी के घाट ज्यादा चौड़े हैं वहां पर खास चेकिंग की जाएगी।