चीन से सीमा विवाद की पृष्ठभूमि में बीजिंग दौरे पर गए भारतीय विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा है कि अब पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ने का समय आ गया है।
चीन के विदेश मंत्री वांग ई के साथ तीन घंटे की बातचीत के बाद उन्होंने भारतीय पत्रकारों को संबोधित किया।
सलमान ख़ुर्शीद ने कहा कि उन्होंने सीमा विवाद पर तो बातचीत की, लेकिन ये नहीं पूछा कि लद्दाख में जो हुआ था, वो क्यों हुआ था।
सलमान ख़ुर्शीद ने कहा कि मैं समझता हूं कि एक-दूसरे पर ऊंगली उठाने और दोषारोपण करने का कोई फायदा नहीं है।
मैं मानता हूं कि इस समस्या को सुलझाना ज्यादा अहम था। जो हो चुका है। उन्होंने कहा कि 15 अप्रैल को जो भी हुआ, दोनों देश इसकी परछाई में दबे नहीं रह सकते।
आर्थिक कोरीडोर
बीजिंग से वरिष्ठ पत्रकार सैबल दास गुप्ता ने बीबीसी को बताया है कि सलमान ख़ुर्शीद ने पत्रकारों को ये भी बताया कि सीमा विवाद पर बातचीत की मौजूदा प्रक्रिया से दोनों देश संतुष्ट हैं।
विदेश मंत्रियों की बातचीत में चीन सरकार ने आर्थिक कोरीडोर बनाने के लिए अपनी इच्छा भी ज़ाहिर की है। चीन चाहता है भारत के असम राज्य और चीन का कुनमिंग प्रांत के बीच सड़क बने, जो म्यांमार होकर निकले।
चीन इस परियोजना पर अच्छी-ख़ासी रकम ख़र्च करने को तैयार है। सैबल दासगुप्ता के मुताबिक इस परियोजना को लेकर भारत के रुख़ के बारे में सलमान ख़ुर्शीद ने कहा कि भारत इससे चिंतित नहीं है और भारत विचार विमर्श के लिए तैयार है।
सलमान खुर्शीद की चीन यात्रा का मकसद 19 मई को चीनी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा की तैयारी है। लेकिन पिछले दिनों लद्दाख़ के दौलत बेग़ ओल्डी इलाक़े में चीनी घुसपैठ के कारण दोनों देशों में इस पर चर्चा हुई।
सैन्य स्तर पर बातचीत और कूटनीतिक स्तर पर दखल के बाद चीनी सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा से अपने इलाक़े में लौट गई थी।