कीनिया के रोमन कैथोलिक चर्च ने कंडोम के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले एक विज्ञापन पर ऐतराज़ जताया है। एक कैथोलिक समूह ने बिलबोर्ड और समाचार पत्रों में इस विज्ञापन को प्रकाशित कराया था।
चर्च के पादरियों ने इस विज्ञापन को “नकारात्मक प्रवृत्ति” और “नैतिक ताने बाने” को नष्ट करने वाला बताया है।
जिस कैथोलिक समूह ने इसका प्रकाशन कराया है उसका नाम है कैथोलिक फॉर चॉइस। इस समूह ने विज्ञापन के पक्ष में दलीलें दी हैं। इसका कहना है कि कंडोम के इस्तेमाल से एड्स को रोकने में मदद मिलेगी।
संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुसार कीनिया में 16 लाख लोग एड्स से संक्रमित हैं।
इस्तेमाल पर विवाद
कंडोम के इस्तेमाल को लेकर कीनिया का कैथोलिक समाज बुरी तरह से बंट गया है।
हाल ही में टीवी पर दिखाए जाने वाले एक विज्ञापन को भी धार्मिक संगठनों के विरोध के बाद बंद कर दिया गया था। इस विज्ञापन में शादीशुदा महिलाओं को कंडोम का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई थी।
उधर, कैथोलिक फॉर चॉइस का कहना है कि “कंडोम फॉर लाइफ” नाम का ये विज्ञापन 'सही अर्थों में कैथोलिक संदेश' देता है।
प्रकाशित विज्ञापन में एक मुस्कुराते हुए युगल को ये कहते हुए दिखाया गया है कि “गुड कैथोलिक यूज कंडोम” यानि कि अच्छे कैथोलिक कंडोम का इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन में आगे कहा गया है, “हम ईश्वर में भरोसा करते हैं। हमारा यकीन है कि सेक्स पवित्र है। हम एक दूसरे की देखभाल करने में यकीन करते हैं। हम कंडोम के इस्तेमाल पर यकीन करते हैं।”
कीनिया के कैथोलिक बिशप सम्मेलन के प्रमुख जॉन एन्जू ने इस विज्ञापन को रोके जाने की मांग की है। उन्होंने कहा, “याद रखिए। अगर आपने किसी देश के नैतिक ताने बाने को नष्ट कर दिया तो आपने उस देश को ही नष्ट कर दिया।”
“यौनिकता का मानवीय रास्ता”
कैथोलिक फॉर चॉइस ने कहा है कि उसने ये विज्ञापन कुछ महीने पहले हुई घटना के बाद शुरु किया है। इसमें धार्मिक संगठनों ने कीनिया सरकार को शादीशुदा लोगों के बीच कंडोम के इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाले विज्ञापन के हटाने के लिए दबाव बनाया था। ये घटना इसी साल मार्च की है।
इस विज्ञापन के संयोजक जोन ओ-ब्रियान ने पिछले महीने एक बयान जारी कर कहा था, “ये विज्ञापन महत्वपूर्ण है। बिशप के बयान कैथोलिक मान्यताओं का प्रतिनिधित्व नहीं करते। कैथोलिक कंडोम के इस्तेमाल का समर्थन करते हैं। इसका इस्तेमाल वो खुद को और अपने पार्टनर को सुरक्षित करने के लिए करते हैं।”
ब्रियान के मुताबिक कंडोम के खिलाफ कीनिया के पादरी की प्रतिक्रिया पोप बेनेडिक्ट सोलहवें के उस बयान के खिलाफ है जिसमें उन्होंने कहा था, “जब तक मकसद संक्रमण रोकना है कंडोम यौनिकता को जीने का ज्यादा मानवीय रास्ता है।”