रूस ने मलेशिया एयरलाइंस के विमान को गिराने के संदिग्धों के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय ट्राइब्यूनल बनाने की मांग वाले प्रस्ताव पर वीटो कर दिया है।
एक साल पहले इस विमान को पूर्वी यूक्रेन के ऊपर मार गिराया गया था और इस पर सवार सभी 298 लोग मारे गए थे। मलेशिया, नीदरलैंड्स, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम और यूक्रेन की तरफ़ से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ट्राब्यूनल बनाने संबंधी प्रस्ताव रखा गया था।
प्रस्ताव में उन लोगों पर मुक़दमा चलाने के लिए ट्राइब्यूनल बनाने की बात कही गई है जिन पर विमान को मार गिराने का संदेह है।
लेकिन रूस ने वीटो कर इसका रास्ता रोक दिया है। इससे पहले रूस ने कहा था कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस प्रस्ताव को उचित नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि इस मामले में नीदरलैंड्स के नेतृत्व में अलग हो रही जांच पूरी होने से पहले एक अंतरराष्ट्रीय ट्राब्यूनल का गठन सही नहीं होगा।
मलेशिया एयरलाइंस की उड़ान संख्या एमएच17 को 17 जुलाई 2014 को पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों के नियंत्रण वाले इलाके में मार गिराया गया।
इस घटना में विमान पर सवार सभी लोग मारे गए जिनमें ज्यादातर डच नागरिक थे।