पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में ईसाई महिला एसिया बीवी को सजा-ए-मौत मिलने के बाद इटली ने इसके खिलाफ विरोध दर्ज कराने के लिए अनूठा तरीका अपनाया है। विरोध जताते हुए इटली की राजधानी रोम के प्राचीन कॉलेजियम को लाल रंग की रोशनी में रंग दिया गया। रोम के प्राचीन कॉलेजियम को बीते शनिवार जिस वक्त लाल रंग की रोशनी से नहलाया गया तब कॉलेजियम के बाहर सैकड़ों लोग एसिया बीबी के पति और उनकी बेटी की गुहार को सुनने के लिए एकत्रित हुए।
एसिया बीवी पर ईशनिंदा का यह मामला वर्ष 2010 का है और इसी मामले में उन्हें मौत की सजा दी गई है। ईसाई महिला एसिया बीबी ने इस संबंध में कई बार अपील की, लेकिन उन्हें कोई सफलता हाथ नहीं लगी। इस बारे में एसिया बीबी के पति आशिक मसीह ने कहा कि उनकी पत्नी बेकसूर है और यह ईसाईयों के खिलाफ घृणा का परिणाम है।
रोम में एक समूह को संबोधित करते हुए एसिया के पति और बेटी रो पड़े। आसिया बीबी के परिवार ने इस मामले में पोप से भी मुलाकात की है। ईसाई महिला एसिया बीवी पर इस्लाम के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप है। उन पर आरोप है कि उन्होंने मुस्लिम धर्मगुरु की निंदा की थी। ईशनिंदा कानून के तहत इस्लाम के खिलाफ बोलने पर किसी भी व्यक्ति को मौत की सजा का प्रावधान है। सजा-ए-मौत न होने पर दोषी को आजीवन कारावास के साथ जुर्माना भी झेलना पड़ सकता है।