भारत ने ऑर्गेनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (ओआईसी) की बैठक में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर मुद्दा उठाने पर आपत्तियां जताते हुए कहा कि यह समूह के साथ-साथ उसके सदस्य देशों के लिए पूरी तरह ‘‘अनुचित’’ है कि किसी भी बहु संगठन व्यवस्था में भारत के आंतरिक मामलों पर चर्चा की जाए।
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र के इतर बुधवार को हुई ओआईसी संपर्क समूह की बैठक में कश्मीर का राग अलापा।
ओआईसी की बैठक में पाकिस्तान द्वारा यह मुद्दा उठाने के बारे में पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने यहां कहा, ‘‘हम हमेशा इस पर खेद जताते हैं कि भारत के आंतरिक मामले से जुड़े मुद्दे पर एक बार फिर ओआईसी में चर्चा की गई।’’
उन्होंने कहा कि भारत अपने आंतरिक मामलों का इस तरह जिक्र करने को स्वीकार नहीं करता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमले पहले भी कहा है कि ओआईसी को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है और यह ओआईसी के साथ-साथ उसके सदस्य देशों के लिए पूरी तरह अनुचित है कि किसी भी बहु संगठन व्यवस्था में भारत के अंदरुनी मामलों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जाए।’’
संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर द्विपक्षीय बैठकों में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी द्वारा भी कश्मीर मुद्दा उठाए जाने के बारे में पूछे जाने पर कुमार ने कहा कि इस्लामाबाद लंबे समय से ऐसा करता रहा है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह अहसास हो गया है कि उसके ‘‘झूठ’’ और वह जो भी कह रहा है उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने पहले ही खारिज कर दिया है। दक्षेस सम्मेलन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके पाकिस्तानी समकक्ष के बीच किसी तरह की बातचीत की संभावना पर कुमार ने कहा, ‘‘हमने स्पष्ट कर दिया है कि यह भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बैठक नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि इसका ‘‘अनुमान लगाना मुश्किल है कि दोनों नेता हाथ भी मिलाएंगे या नहीं।’’ सुषमा गुरुवार को दक्षिण एशिया क्षेत्रीय सहयोग संगठन (दक्षेस) की बैठक में भाग लेंगी।
इनपुट: भाषा