अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनल्ड ट्रंप और हिलेरी क्लिंटन की दूसरी सार्वजनिक बहस देखने के बाद जो बात समझ में आ रही है, वह यह है कि रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप का चुनाव प्रचार पतन की ओर जा रहा है। यह कहना है डेलवेयर यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर मुख्तदर खान का। उन्होंने बीबीसी से कहा कि दूसरे दौर की बहस कई मायनों में पहली बहस से अलग रही।
इस बहस के नतीजों पर दोनों उम्मीदवारों का भविष्य काफी हद तक निर्भर करता है। वो कहते हैं कि बहस के बाद लगा कि ट्रंप का चुनाव प्रचार पतन की ओर जा रहा है। पूरी बहस में डोनल्ड ट्रंप एक नई रणनीति पर काम करते नजर आए। इंडियाना के गवर्नर और उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार माइक पेंस ने भी अपने प्रचार में इसी रणनीति का इस्तेमाल किया है।
अमरीका में इस रणनीति को 'पिविद' कहते हैं। इसमें अगर कोई आपसे आपकी कमजोरी से जुडे सवाल करता है तो आप उसकी बात को टालकर किसी दूसरे मसले पर बात करने लगते हैं। दूसरे दौर की बहस में दोनों उम्मीदवार इस रणनीति का इस्तेमाल करते रहे।
ट्रंप ने इसका कुछ ज्यादा ही इस्तेमाल किया। जब भी उनसे उनके वीडियो या महिलाओं से जुडे सवाल किए गए, उन्होंने बिल क्लिंटन के इतिहास की बात शुरू कर दी। ऐसे में उनकी बातचीत में कुछ नया वैचारिक खाका उभरकर सामने नहीं आया। उनकी सोच में कोई बदलाव नहीं दिखा।