पुणे नगर निगम (पीएमसी) महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (महा-मेट्रो) को विभिन्न परियोजनाओं के लिए 15 प्लॉट देने के लिए तैयार हो गया है। इसके लिए निगम को प्रति प्लॉट प्रति साल एक रुपये बतौर किराया मिलेगा। पीएमसी के उपायुक्त अनिल मुले ने कहा, 'पीएमसी 15 लोकेशन पर 15 प्लॉट को एक रुपये के किराए के तौर पर सौंप रही है। जिससे मेट्रो का निकास और प्रवेश किया जाएगा।'
इससे पहले महा मेट्रो ने पुणे नगर निगम को एक प्रस्ताव दिया था और प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन की लोकेशन पर जमीन की मांग की थी। इन क्षेत्रों में मयूर कालोनी, कोथरुड (मोनोपोल), पुलाची वाडी, शिवाजीनगर (प्रवेश-निकास सेवा), संभाजी गार्डन, जेएम रोड (फुट ओवर ब्रिज), संभाजी गार्डन (स्टेशन फैसिलिटी), संभाजी गार्डन (सीढ़ी और लिफ्ट)। इसके अलावा बालगंधर्व की चार जगहों, पीएमसी मुख्य इमारत, एलबीटी इमारत पीएमसी, रुबी हॉल स्टेशन शामिल हैं।
पुणे नगर निगम 30 सालों के लिए प्लॉट को महा मेट्रो को सौंपने के लिए राजी हो गया है। इसमे शर्त यह रखी गई है कि जमीन का इस्तेमाल उन्हीं कामों के लिए होगा जिसपर दोनों पार्टियां राजी हुई है। यदि योजना में किसी तरह का बदलाव होता है तो महा मेट्रो को पीएमसी से पहले इजाजत लेनी होगी। जमीन लीज नीति के अनुसार पीएमसी निविदा प्रक्रिया के बिना भूखंडों को सरकारी प्राधिकरण को सौंप सकती है।
इन 15 प्लाटों का कुल क्षेत्रफल 3,472 स्कवायर मीटर है। इनकी बाजारी कीमत 23.12 करोड़ रुपये हैं। अधिकारियों के अनुसार शहर में मेट्रो परियोजना के लिए कुल 44 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। राज्य सरकार और पुणे नगम निगम ने एक साल की अवधि के अंदर आवश्यक भूमि का कम से कम 95 प्रतिशत सौंप दिया है।
मेट्रो को परियोजना के लिए सरकारी जमीन मिल चुकी है और निजी लोगों से जमीन अधिग्रहण होना बाकी है। भूमिगत कार्य के लिए मेट्रो को कस्बा पेठ पर निजी जमीन चाहिए। निजी जमीन मालिकों के साथ बातचीत शुरू हो चुकी है। मेट्रो अधिकारियों का कहना है कि मेट्रो परियोजना अपने निर्धारित समय पर पूरी हो जाएगी।