अभी तक खबरें आती रही हैं कि चोर, दलाल, डकैत, घोटालेबाज देश छोड़ कर भाग निकले। लेकिन बदलते समय में बड़े –बड़े देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को भी देश छोड़कर भागना पड़ा या फिर दूसरे देशों में शरण लेनी पड़ी है।
नवाज शरीफ लंदन रवाना, खबर है नहीं आएंगे वापस
पनामा पेपर लीक मामले में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ दोषी पाए गए और उन्हें अपनी सत्ता भी गंवानी पड़ी। भ्रष्टाचार और मनी लांड्रिंग मामले में दोषी करार दिए गए पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री के बारे में खबर है कि वो देश छोड़ कर लंदन भाग गए हैं।
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बीमार पत्नी को देखने के लिए लंदन रवाना
नवाज शरीफ
खबर आ रही है कि बुधवार को शरीफ अपनी बीमार पत्नी बेगम कुलसुम को देखने और ईद सेलीब्रेट करने के लिए लंदन की उड़ान भरी है। कुलसुम को गले का कैंसर है, जिसका इलाज लंदन में चल रहा है। शरीफ के दोनो बेटे हुसैन, हसन और बेटी आसमा पहले से ही लंदन में है। माना ये भी जा रहा है कि पनामा के बैंक में कालाधन जमा करने वाले शरीफ पाकिस्तान लौट कर नहीं आएंगे। उन्होंने एमिरात की फ्लाइट EK625 से उड़ान भरी है। बता दें कि शरीफ पर 1990 के दशक में उस वक्त मनी लांड्रिंग के जरिए लंदन में सपंत्तियां खरीदने का आरोप पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने सच पाया जिसका खुलासा पनामा पेपर्स लीक मामले में हुआ था।
यह पहलीबार नहीं है कि नवाज को देश छोड़कर जाना पड़ा हो। 1999 में भी तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्फ द्वारा तख्तापलट के बाद लंदन में शरण लेना पड़ा था। इसके बाद शरीफ ने वर्ष 2007 तक लंदन में ही अपने दिन बिताए थे।
थाईलैंड की अपदस्थ प्रधानमंत्री यिंगलुक शिनावात्रा भागीं दुबई में ली शरण
यिंगलुक शिनावात्रा
- फोटो : social media
थाईलैंड की अपदस्थ प्रधानमंत्री यिंगलुक शिनावात्रा भी पिछले दिनों देश छोड़कर भाग गईं। थाईलैंड की राजनीति में पिछले 15 वर्षों से प्रभुत्व जमाए हुए हैं। युंगलुक और उनके परिवार पर 50 अरब डॉलर के धान सब्सिडी घोटाले का आरोप है जिसके लिए उन्हें पिछले दिनों अदालत में पेश होना था। शिनावात्रा के भागने की खबर उनके परिवार के करीबी ने ही दी। उन्होंने भागकर दुबई में शरण ली है।
ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति जिने-अल-अबिदाइन बेन भागे और सऊदी अरब में पनाह ली
ट्यूनीशिया के राष्ट्रपति जिने-अल-अबिदाइन के खिलाफ देश में विद्रोह शुरू हो गया था। उन्हें जैसे ही खबर लगी की पूरे देश में उनके खिलाफ प्रोटेस्ट शुरु हो चुका है और उन्हें किसी भी समय अपदस्थ किया जा सकता है, उन्हें और उनके परिवार को गुस्साए लोग मौत के घाट भी उतार सकते हैं तब उन्होंने ट्यूनीशिया से भागकर सऊदी अरब में पनाह ली थी। बेन ने 23 वर्षों तक लगातार ट्यूनीशिया में शासन किया था।
नाईजीरिया पहुंचे सूडान के राष्ट्रपति
जेनोसाइड का आरोप झेल रहे सूडान के राष्ट्रपति उमर-अल बशीर को जैसे ही गिरफ्तारी की खबर मिली उन्होंने भागकर नाईजीरिया में शरण ली थी। मामला 2013 का है। इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने नाइजीरियन सरकार को आदेश दिया था कि बशीर को तुरंत अरेस्ट किया जाए। इस आदेश के बाद बशीर को कई ठिकाने बदलने पड़े थे।