प्रशांत महासगरीय देशों से भारत के रिश्ते मजबूत करने के लिए राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी बृहस्पतिवार को पापुआ न्यू गिनी पहुंचे। 1975 से राजनयिक रिश्ते कायम होने के बाद से वह यहां पहुंचने वाले पहले भारतीय राष्ट्राध्यक्ष हैं।
हवाई अड्डे पर उनका स्वागत उप प्रधानमंत्री लियो डियोन ने किया। राष्ट्रपति ने इस मौके पर गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण किया। माना जा रहा है कि राष्ट्रपति का यह दौरा प्रशांत महासागर में चीन को संतुलित करने के लिए है, जो इस महासागर में अपना प्रभाव बढ़ाने में लगा हुआ है। भारत से रवाना होने से पहले राष्ट्रपति के प्रेस सचिव वेणु राजमोनी ने कहा था कि यह दौरा भारत की ‘लुक ईस्ट पॉलिसी’ का विस्तार है।
भारत की नजर इस द्वीपीय देश के स्वास्थ्य सेवाओं के बाजार पर है। करीब 70 लाख की आबादी वाले इस देश में एचआईवी और एड्स का काफी खौफ है। यहां की जीवन प्रत्याशा स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में काफी कम है। 30 अप्रैल को प्रणब न्यूजीलैंड रवाना होंगे। इस दौरे के वक्त भारत और न्यूजीलैंड कृषि, डेरी, खाद्य प्रसंस्करण, शिक्षा और कौशल विकास के साथ-साथ उच्च तकनीक के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं तलाशेंगे।