म्यांमार दौरे के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यहां के स्टेट काउंसलर आंग सान सू की से मुलाकात की। इस मौके पर दोनों देशों के बीच डेलिगेशन लेवल की बातचीत हुई, जिसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने रोहिंग्या मुसलमानों का जिक्र करते हुए कहा कि म्यांमार की चिंता में हम भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि म्यांमार में शांति के लिए भारत हर संभव मदद करेगा।
We hope that all stakeholders together can find a way out in which unity & territorial integrity of Myanmar is respected..:PM Modi 1/2 pic.twitter.com/JAqMSIhfTs
— ANI (@ANI) September 6, 2017
रोहिंग्या मुसलमानों का भी मुद्दा
इस दौरान पीएम मोदी ने रोहिंग्या मुसलमानों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों का क्षेत्र रखाइन है। रोहिंग्या मुसलमान भारत में अवैध रुप से घुसपैठ कर रहे हैं, जो भारत के लिए बड़ी समस्या है। आपको बता दें कि म्यांमार के रखाइन क्षेत्र में ही सरकार और रोहिंग्या मुसलमानों के बीच तनाव चल रहा है।
At the same time we can have peace, justice, dignity and democratic values for all: PM Narendra Modi in #Myanmar 2/2
— ANI (@ANI) September 6, 2017
म्यामांर के 40 कैदियों को छोड़ने का फैसला
इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा, ''म्यांमार के जो नागरिक भारत की सैर करना चाहते हैं, उन्हें ग्रेटिस वीजा दिया जाएगा और भारत की जेलों में बंद 40 म्यामांरवासियों को छोड़ दिया जाएगा।''
Citizens of Myanmar who wish to visit India will be given gratis visas, and 40 Myanmarese citizens in Indian jails will be released: PM Modi
— ANI (@ANI) September 6, 2017
#Watch live: India and Myanmar issue joint press statement https://t.co/qhk00M038M
— ANI (@ANI) September 6, 2017
रोहिंग्या मुसलमानों के पलायन से हम भी चिंतित
पीएम मोदी ने कहा, ''रोहिंग्या मुसलमानों के पलायन से हम भी चिंतित हैं। रोहिंग्या गैर कानूनी रूप से भारत में घुसते हैं। रोहिंग्या मुसलमानों का भारत आना बड़ी समस्या है। पड़ोसी होने के नाते हमारे हित एक समान है इसलिए म्यांमार में शांति के लिए भारत उसकी हर संभव मदद करेगा।''
इस मौके पर दोनों देशों के नेताओं के बीच द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।पीएम मोदी और स्टेट काउंसलर आंग सान के बीच हुई डेलिगेशन लेवल की बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए। खबरों के मुताबिक इस दौरान भारत और म्यामांर के बीच आपसी सहयोग पर भी बातचीत हुई।
PM & State Councillor Ms. Aung San Suu Kyi witnessing the signing & exchange of agreements at Presidential Palace in Naypyidaw, Myanmar pic.twitter.com/F29BHjef2X
— PIB India (@PIB_India) September 6, 2017
PM Modi and State Counsellor of Myanmar Aung San Suu Kyi witness exchange of agreements between India and Myanmar pic.twitter.com/hiancNyLlN
— ANI (@ANI) September 6, 2017
इस मुलाकात से पहले ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि पीएम मोदी और आंग सान सू के बीच भारत में अवैध ढंग से रह रहे 40000 रोहिंग्या मुसलमानों पर भी चर्चा हो सकती है।
Prime Minister Narendra Modi and Myanmar's State Counsellor Aung San Suu Kyi held delegation level talks in Nay Pyi Taw, #Myanmar. pic.twitter.com/gXSj5bksZn
— ANI (@ANI) September 6, 2017
रिश्तों को और मजबूत करने पर चर्चा
इससे पहले पीएम मोदी ने मंगलवार को म्यांमार के प्रेसिडेंट से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने कहा कि म्यांमार के राष्ट्रपति हिन क्याव से मुलाकात काफी सुखद रही। दोनों पड़ोसियों के बीच ऐतिहासिक रिश्ते को और मजबूत करने पर चर्चा हुई।
PM @narendramodi and Councillor Aung San Suu Kyi meet in Myanmar, discuss further cementing of India-Myanmar relations. pic.twitter.com/dPCMang4wO
— PMO India (@PMOIndia) September 6, 2017
PM Modi meets Myanmar State Counsellor #AungSanSuuKyi in Nay Pyi Taw pic.twitter.com/kyriQsEGk8
— ANI (@ANI) September 6, 2017
राष्ट्रपति हिन क्याव से की मुलाकात
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को पहली बार द्विपक्षीय यात्रा पर म्यांमार पहुंचे और तुरंत वहां के राष्ट्रपति हिन क्याव से मुलाकात की। उन्होंने ट्विटर के जरिये मुलाकात की कुछ तस्वीरें भी साझा कीं।
Glimpses from the ceremonial welcome and the bilateral meeting of PM @narendramodi with President U Htin Kyaw of Myanmar. pic.twitter.com/MWfuQEwOci
— PMO India (@PMOIndia) September 5, 2017
2014 में आसियान बैठक में हिस्सा लेने म्यांमार आए थे PM मोदी
आपको बता दें कि इससे पहले मोदी 2014 में आसियान बैठक में हिस्सा लेने म्यांमार आए थे। म्यांमार से भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों की 1640 किलोमीटर की सीमा लगती है और सामरिक दृष्टि से यह काफी संवेदनशील है।
प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति हिन क्याव को सालवीन नदी का 1841 का एक मानचित्र और एक बोधि वृक्ष भेंट किए। मोदी चीन में ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद सीधे म्यांमार पहुंचे। दोनों नेताओं ने गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण भी किया।
शरणार्थियों से बर्ताव पर हमें कोई न सिखाए: रिजिजू
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या पर कड़े तेवर दिखाते हुए कहा कि दुनिया में जितने भी शरणार्थी हैं, उनका एक बड़ा हिस्सा भारत में है और इसलिए हमें शरणार्थियों के बारे में कोई नसीहत नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि वह विश्व समुदाय को बताना चाहते हैं कि रोहिंग्या संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग के तहत पंजीकृत हों या न हों, लेकिन भारत में वह अवैध शरणार्थी हैं। उन्हें भारत से जाना ही पड़ेगा।