ईरान के संसदीय चुनावों में सुधारवादी राष्ट्रपति हसन रुहानी को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। चुनाव के बाद शनिवार को शुरू हुई मतगणना में आए शुरुआती रुझानों में सुधारवादी कट्टरपंथियों से आगे निकलते नजर आ रहे हैं। ये चुनाव नई संसद और देश की शीर्ष धार्मिक संस्था मजलिसे खोबरे-गान को चुनने के लिए हो रहे हैं।
यह संस्था ईरान के सर्वोच्च नेता को चुनती है। 290 सदस्यीय संसद और 88 सदस्यीय परिषद के लिए शुक्रवार को करीब तीन करोड़ तीस लाख लोगों ने मतदान किया था। शुरुआती नतीजों में भले ही सुधारवादी आगे चल रहे हाें, मगर उन्हें स्पष्ट बहुमत मिलने की कोई संभावना नहीं दिख रही।
फिलहाल ये नतीजे रुहानी के लिए राहत लेकर आए हैं। क्योंकि कट्टरपंथी खेमा रुहानी की विदेश नीति और देश में राजनीतिक सुधारों का लगातार विरोध करता आया है। वहीं रुहानी के नेतृत्व में सुधारवादी देश में लोकतांत्रिक बदलाव और पश्चिमी देशों के साथ बेहतर रिश्तों के पक्षधर हैं।