फ़लस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने यहूदियों के नरसंहार को आधुनिक इतिहास का 'सबसे जघन्य अपराध' क़रार दिया है। यह टिप्पणी इसराइल की ओर से मारे गए यहूदियों की याद में मनाए जाने वाले स्मृति दिवस के मौक़े पर आया है।
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नाज़ियों ने लगभग 60 लाख यहूदियों की हत्या कर दी थी। अपने बयान में अब्बास ने पीड़ितों के परिवारों और नाज़ियों के हाथों मारे गए कई अन्य बेगुनाह लोगों के साथ अपनी सहानुभूति व्यक्त की।
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतनयाहू ने कहा, "अब्बास यहूदियों के नरसंहार को भयानक नहीं कह सकते हैं क्योंकि ऐसा करने वालों को वो गले लगाते हैं।"
इसराइल ने हाल ही में अब्बास के संगठन फ़तह और इस्लामिक प्रतिद्वंदी संगठन हमास के बीच हुए समझौते का विरोध किया है। हमास वैचारिक रूप से यहूदी नरसंहार की आलोचना से परहेज़ करता रहा है और 2009 में उसने ग़ज़ा में संयुक्त राष्ट्र की ओर से चलाए जा रहे एक स्कूल में इसे पढ़ाए जाने का विरोध किया था।