फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फ़लस्तीन शांति वार्ता के लिए शर्त न रखे: ओबामा

Fri, 22 Mar 2013 07:56 AM IST
बीबीसी हिंदी
विज्ञापन
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने फलस्तीनियों से कहा है कि वो इसराइल के साथ शांति वार्ता के लिए अपनी उस शर्त को हटा दें जिसमें फलस्तीनी इलाक़ों में यहूदियों की बस्ती बसाने पर रोक लगाने की बात कही गई है।
विज्ञापन


फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बातचीत के बाद ओबामा ने रामल्ला में कहा कि 'बस्तियां बसाने का काम शांति स्थापित करने के लिए सही नहीं है।'

इन बस्तियों को बसाने का काम इसराइल और फलस्तीन के बीच शांति प्रकिया में बड़ी बाधा बनकर उभरा है।

पिछले साल इसराइल ने कब्ज़े वाले पूर्वी यरुशलम और पश्चिमी तट में 3000 और रिहाइशी इकाइयां बनाने का फैसला किया था।

फलस्तीनी अधिकारियों का कहना है कि जब तक इसराइली बस्तियां बनने पर रोक नहीं लगती, तब तक वो शांति वार्ता में शामिल नहीं होंगे।

ई1 नाम के इलाके में यहूदी बस्तियां बनाने की योजनाओं का फलस्तीनी कड़ा विरोध करते रहे हैं।

फलस्तीनियों का कहना है कि इससे पश्चिमी तट दो हिस्सों में बंट जाएगा और एक समूचे फलस्तीनी राष्ट्र के निर्माण में बाधा आएगी।

दोराहे पर इसराइल
राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि 'दो राष्ट्र' के समाधान के प्रति प्रतिबद्ध हैं लेकिन दोनों ही पक्षों को अपनी आपसी असहमतियों से निकलना होगा।

यरूशलम में छात्रों को संबोधित करते हुए ओबामा ने कहा, "इसराइल दोराहे पर खड़ा है लेकिन उसे अलगाव के विरोधी प्रवाह से निकलना होगा और समझना होगा कि शांति के लिए समझौता करना ज़रूरी है।"
विज्ञापन


उन्होंने आगे कहा, "जिस तरह इसराइल ने अपने घर में देश बनाया है उसी तरह फलस्तीनियों को भी हक़ है कि वो अपने घर में आज़ाद लोगों की तरह रह सके।"

ओबामा ने कहा कि इसराइल एक यहूदी लोकतांत्रिक देश के रूप में तभी फल-फूल सकता है जब एक स्वतंत्र और सक्षम फलस्तीनी राष्ट्र बन जाए।

बाद में ओबामा ने इसराइलियों से कहा कि महमूद अब्बास शांति प्रकिया में उनके साथी हैं।

राष्ट्रपति ओबामा इसराइल के अपने पहले दौरे पर हैं।

इससे पहले बुधवार को ओबामा ने तेल अवीव में इसराइल के प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू और राष्ट्रपति सिमोन पेरेज़ से मुलाकात की थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें