भारत और पाकिस्तान में तनाव के बीच जैसे को तैसा की कार्रवाई के तहत पाकिस्तानी मीडिया में बृहस्पतिवार को इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के कम से कम आठ कर्मियों के नाम आए हैं। उन पर पाक विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाया गया है।
नई दिल्ली स्थित अपने उच्चायोग कर्मियों के जासूसी के मामले में संलिप्तता के बाद पाकिस्तान ने अपने छह उच्चायोग अधिकारियों को वापस बुला लिया था। इसके बाद विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि भारत अपने आठ राजनयिकों को वापस बुलाने पर विचार कर रहा है, क्योंकि उनकी सुरक्षा से पूरी तरह से समझौता किया जा रहा है।
बहरहाल, पाकिस्तानी मीडिया ने बृहस्पतिवार को कम से कम आठ भारतीय कर्मियों की पहचान कर उन पर पाकिस्तान विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोप लगाया है।
डॉन अखबार में प्रकाशित हुई आठ राजनयिकों के नाम
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भारत और पाकिस्तान द्वारा एक दूसरे के यहां स्थित उच्चायोगों से अपने-अपने कर्मियों को वापस बुलाने की यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है। जब जम्मू-कश्मीर के उड़ी में आतंकी हमला होने और फिर भारतीय सेना की सर्जिकल स्ट्राइक के बाद दोनों देशों के बीच तनाव व्याप्त है, जिसके चलते द्विपक्षीय संबंध बेहद निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। भारतीय उच्चायोग के दो कर्मियों के नाम बुधवार दोपहर तक मीडिया में आए थे, लेकिन देर रात तक कुल संख्या बढ़कर आठ हो गई।
पाकिस्तानी अखबार डॉन में प्रकाशित खबर में पाक विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों में वाणिज्यिक परामर्शदाता राजेश कुमार अग्निहोत्री, प्रथम सचिव (मीडिया एवं संस्कृति) बलबीर सिंह, प्रथम सचिव (वाणिज्यिक) अनुराग सिंह, वीजा अधिकारी अमरद्वीप सिंह भाटी, वीजा सहायक धर्मेंद्र, विजय कुमार वर्मा व माधवन नंदा कुमार तथा कार्मिक कल्याण ऑफिस सहायक जयबालन सेंथिल का नाम शामिल है। अखबार का कहना है कि ये लोग रॉ अथवा भारतीय खुफिया ब्यूरो के लिए काम करते हैं। वैसे पाक विदेश विभाग के दफ्तर की ओर से इन लोगों के नामों की पुष्टि नहीं की गई है।