संयुक्त अरब अमीरात में अक्सर औरतों को शादी के बाहर सेक्स के लिए जेल की सजा होती रहती है। फिलीपींस की मोनिका की कहानी भी संयुक्त अरब अमीरात में काम के दौरान बलात्कार का शिकार होने और प्रताड़ना सहने की है। हालांकि वे अपने सूझबूझ से वहां से निकलने में भी कामयाब रहीं।
मोनिका अरब में काम करने को लेकर काफी उत्साहित थीं। वो तीन बच्चों की मां थीं लेकिन उनकी स्थिति ऐसी नहीं थी कि वो अपने बच्चों को एक अच्छी ज़िंदगी दे सकें।
उन्हें लगता था कि खाड़ी के देशों में कुछ साल काम करके वे अपने बच्चों को बेहतर ज़िंदगी दे सकती हैं। उन्होंने फिलीपींस की राजधानी मनीला में एक काम दिलवाने वाली एजेंसी के साथ अनुबंध किया और संयुक्त अरब अमीरात के लिए रवाना हो गई।
वहां उन्होंने एक परिवार में काम करने वाली की नौकरी पकड़ ली। उस घर में पाकिस्तान से आया हुआ एक और आदमी ड्राइवर की नौकरी करता था।
'वो मुझे जेल भेज सकते है और मैं डरी हुई थी'
मोनिका के वहां पहुंचने के कुछ महीने बाद एक दिन परिवार के सारे लोग कहीं बाहर गए हुए थे और वो ड्राइवर के साथ अकेली थीं। उस दिन के बारे में वो बताती हैं, "मैं रसोईघर में थी तब वो आया। उसके हाथ में चाकू था उसने मेरे साथ जबरदस्ती की मैं कुछ नहीं कर सकी। मैं अकेली थी।
मैं चीख रही थी। "उन्होंने इसके बारे में किसी से कुछ नहीं कहा। तीन महीने के बाद उन्हें पता चला कि वो गर्भवती हैं। संयुक्त अरब अमीरात में शादी के बाहर सेक्स क़ानूनन अपराध है। चूंकि मोनिका के पास अपने साथ होने वाले बालात्कार का कोई सबूत नहीं था इसलिए गर्भवती होना उनके गुनाहगार होने का सबूत होता।
जेल से बचने के लिए मोनिका ने अपने गर्भवती होने की बात तब तक छुपाकर रखा जब तक वो छुपा सकती थीं। वो कहती हैं, "मुझे पता था कि वो मुझे जेल भेज सकते है और मैं डरी हुई थी।"
शादी के बाहर सेक्स करने को 'जीना' कहते
शरिया क़ानून के मुताबिक़ शादी के बाहर सेक्स करने को ज़ीना कहते हैं। इसके तहत व्यभिचार और समलैंगिकता आते हैं। संयुक्त अरब अमीरात का क़ानून शरिया पर आधारित है। ज़ीना के तहत कितने लोगों पर मामला दर्ज है, इसे लेकर कोई आधिकारिक आकड़ा उपलब्ध नहीं है।
हालांकि ये स्पष्ट है कि इस क़ानून की मार हज़ारों एशियाई और अफ्रीकी औरतों को झेलना पड़ता है जो अमीरात में अमीरों के घर में खाना बनाने और सफाई करने का काम करती हैं।
बीबीसी अरबी ने अपनी खोज में पाया है कि सैकड़ों प्रवासी औरतों को हर साल ज़ीना के मामले में संयुक्त अरब अमीरात में जेल होती है। इनमें आम सहमति से होने वाले सेक्स के मामले भी शामिल हैं। ह्यूमन राइट्स वाच (एचआरडब्ल्यू) के मुताबिक़ संयुक्त अरब अमीरात का ज़ीना क़ानून अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार क़ानून का उल्लंघन करता है।
देश छोड़ने के अलावा कोई विकल्प बचा नहीं रह जाता
अधिकार समूहों का यह भी मानना है कि ज़ीना क़ानून का इस्तेमाल अधिकतर औरतों के ख़िलाफ़ किया जाता है। संयुक्त अरब अमीरात की सरकार ने इस मामले पर बात करने के बीबीसी के अनुरोध को ठुकरा दिया।
मोनिका जैसी औरतों के लिए ऐसे हालात में देश छोड़ने के अलावा कोई विकल्प बचा नहीं रह जाता है लेकिन मोनिका ने इसमें भी अपने आप को संयुक्त अरब अमीरात के क़ानून से बंधा पाया।
घरेलू कामगारों को कफाला सिस्टम के तहत अमीरात लाया जाता है। यह एक ऐसा सिस्टम है जिसमें प्रवासी कामगारों के पास काम करने का अधिकार, नौकरी बदलने का अधिकार और घर वापस जाने का अधिकार पूरी तरह से काम देने वाले नियोक्ता पर निर्भर रहता है।
इस सिस्टम से पैदा होने वाले असहाय हालात और कामगारों को सुरक्षा देने वाले पर्याप्त क़ानून का अभाव घरेलू कामगारों को शोषण और प्रताड़ना सहने के लिए मजबूर कर देती है। 2014 की गर्मी में जब मोनिका अपनी गर्भावस्था छुपाने में नाकामयाब हो रही थी तो उन्होंने अपने मालकिन से फिलीपींस वापस भेज देने के लिए कहा।
क्यों मुझे तुम्हें घर भेजना चाहिए?
तब उनकी मालकिन ने काफाला सिस्टम के तहत उनके अधिकार को दबाते हुए कहा, "क्यों मुझे तुम्हें घर भेजना चाहिए? तुमने अपना अनुबंध पूरा नहीं किया है।" अगर मोनिका संयुक्त अरब अमीरात में बच्चे को जन्म देती तो बहुत संभव है कि उन्हें जंजीर में बांध कर अदालत लाया जाता।
लेकिन अपनी गर्भावस्था के सातवें महीने में उन्हें वहां से निकलने का एक नाटकीय रास्ता मिल गया। फ़ेसबुक का इस्तेमाल करते हुए मोनिका ने फिलीपींस के एक लोकप्रिय रेडियो टॉक शो के होस्ट से संपर्क किया।
मोनिका ने उन्हें अपना मोबाइल नंबर दिया जिसे उन्होंने अपने रसोईघर में छुपाकर रखा था। कुछ देर के बाद शो के होस्ट ने मोनिका को फोन किया। बाथरूम में बंद होकर वो दुनिया से रेडियो पर मुखातिब थी।
वो घर वापस आने के लिए बेचैन
उन्होंने हज़ारों सुनने वालों के सामने कहा कि उनके साथ बलात्कार हुआ है और वो घर वापस आने के लिए बेचैन हैं। उन्होंने कहा, "मैं यहां से वापस आना चाहती हूं लेकिन मुझे आने नहीं दिया जा रहा है।"
रेडियो होस्ट ने मोनिका से पूछा, "क्या आपके परिवार वालों को फिलीपींस में पता है इसके बारे में?" उन्होंने जवाब दिया, "नहीं, वे नहीं जानते हैं।" होस्ट ने अपने सुनने वालों से कहा, "ये इस कहानी का सबसे दुखद पहलू है। इनके पति यहां फिलीपींस में हैं और वो इस बारे में कुछ नहीं जानते।"
मोनिका का यह क़दम काम आ गया और फिलीपींस की सरकार पर संयुक्त अरब अमीरात में अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए जनता के द्वारा दबाव बनने लगा। कुछ ही हफ़्तों में मोनिका को काम दिलवाने वाली एजेंसी को पासपोर्ट उनका पासपोर्ट लौटाना पड़ा और वापस फिलीपींस भेजना पड़ा।
'मेरा पति काफी गुस्से में था'
मोनिका ने मनीला में नियोक्ता एजेंसी के दफ्तर से अपने परिवार को फोन किया। उन्होंने बताया, "मेरा पति काफी गुस्से में था। उसने मेरे ऊपर लांछन लगाया और कहा इसीलिए तुम बाहर काम करने जाना चाहती थी।
लेकिन बाद में उसने इस बारे में सोचा और घर आने को कहा।" अपने पिता के साथ वो अपने गांव गईं। इसतरह घर लौटने का उन्होंने सपना नहीं देखा था।
उनकी मां ने बोला, "अगर तुम्हारा पति इस बच्चे को नहीं अपनाता है तो मुझे दे देना। हम इसका पालन-पोषण करेंगे।" कुछ समय बाद मोनिका का पति शांत हुआ और कहा, "तुम बच्चे को अपनी मां को क्यों दोगी? यह हमारा बच्चा होगा।"