ग्यारह हजार एकड़ में फैले कैरी आईलैंड के प्रबंधक इजरुद्दीन के मुताबिक प्रति हजार एकड़ सौ उल्लू आईलैंड में फसल की सुरक्षा के लिए हैं, जो चूहे, केंचुए और कीड़े खाकर पेड़ों को बचाते हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय 1,100 से ज्यादा उल्लू आईलैंड पर हैं, जिनके निवास के लिए पेड़ों के करीब लकड़ी के हजार से अधिक बॉक्स बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि पहले विभिन्न कीटनाशकों का प्रयोग किया जाता था, जो फसलों ही नहीं, उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा नहीं था। मलयेशिया में यूरोप का उल्लू पाया जाता है जो सफेद चितकबरा (वैज्ञानिक नाम तात्या अलबा) है। पाम उत्पादकों के प्रयासों के चलते बड़ी तादाद में उन्होंने मलयेशिया को ही अपना घर बना लिया है।
आरएसपीओ इंडिया के प्रमुख कमल प्रकाश ने कहा कि भारत भी ऐसे तरीकों को अपनाए, जिसके लिए आरएसपीओ का प्रतिनिधिमंडल जल्द सरकार से विचार-विमर्श करेगा। दुनिया के कई देश जिन कीटनाशकों को प्रतिबंधित कर चुके हैं, उनमें से कई को भारत में जारी रखा गया है, ऐसे में भूगर्भ जल का दोहन और फसल-पौधों पर कीटनाशकों का प्रयोग जैव विविधता के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
भारत सरकार ने आईएआरआई के पूर्व प्रोफेसर डॉ अनुपम वर्मा के नेतृत्व में एक समिति का गठन किया है, जिसने इस पूरे मसले पर समीक्षा की है। उसकी सिफारिशों के आधार पर दुष्प्रभाव वाले कीटनाशकों पर रोक लगाने का काम चरणबद्ध तरीके से चल रहा है।
भारत के कृषि मंत्रालय के मुताबिक हाल ही में उसने 28 कीटनाशकों के निर्यात, निर्माण और प्रयोग पर रोक लगाई है। कुल 66 कीटनाशक है, जिन पर अन्य देशों ने रोक लगा रखी है, लेकिन भारत में इनका प्रयोग हो रहा है।