उमेश सचदेव की बेहतरीन तकनीक को टाइम पत्रिका ने सराहा
फोन पर जरूरी सेवाओं को स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराने की तकनीक विकसित करने के लिए उमेश सचदेव के प्रयास को प्रतिष्ठित टाइम पत्रिका ने भी सराहा है। पत्रिका ने सचदेव का नाम ‘दुनिया बदलने वाले 10 मिलेनियल्स’ की सूची में शामिल किया है।
टाइम पत्रिका ने इस साल की अपनी ‘10 मिलेनियल्स हू आर चेंजिंग द वर्ल्ड’ सूची जारी की है। इसमें चेन्नई स्थित यूनिफोर सॉफ्टवेयर स्टार्टअप के उप संस्थापक उमेश सचदेव का नाम भी शामिल किया गया है। उमेश ने यह स्टार्टअप अपने मित्र रवि सरोगी के साथ मिलकर शुरू की थी। पत्रिका ने उमेश के बारे में लिखा है कि उमेश की कंपनी ने एक ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो अपने फोन के जरिये लोगों को स्थानीय भाषा में संवाद साधने का मौका देता है। इससे ग्रामीण भागों में रहने वाले लोग बड़ी आसानी से ऑनलाइन बैंकिंग और अन्य सेवाओं का लाभ उठा पाते हैं। उमेश की कंपनी ने एक ऐसा वर्चुअल असिस्टेंट तैयार किया है, जो 25 वैश्विक भाषाओं के साथ 150 से भी ज्यादा बोलियों को प्रोसेस कर सकता है।
वर्तमान में 50 लाख से भी ज्यादा लोग इस तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अधिकतर यूजर भारत से हैं। टाइम ने सचदेव की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह डिजिटल और हकीकत की दुनिया के बीच एक ऐसा पुल बना रहे हैं, जिससे लाखों लोगों को लाभ मिल रहा है। टाइम के मुताबिक उमेश ने इस सॉफ्टवेयर के जरिये ग्रामीण भारत में फोन पर स्थानीय भाषा न होने की समस्या का समाधान कर दिया है। इस सूची में उमेश के अलावा सीरियाई शरणार्थी फिरस अलशैटर, फ्रांसेस्को सॉरो समेत अन्य कई शामिल हैं।