उत्तर कोरिया के अंतर महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शुक्रवार को जर्मनी में जी-20 सम्मेलन के दौरान दुनियाभर के नेताओं से मिलने वाले हैं। माना जा रहा है कि उत्तर कोरिया के हालिया परीक्षणों का मुद्दा इस सम्मेलन में छाया रहेगा।
प्योंगयांग की ओर से बढ़ता वैश्विक खतरा हैम्बर्ग में होने वाले सम्मेलन के दौरान जलवायु और व्यापार से जुड़े प्रमुख मुद्दों को पीछे कर सकता है। सम्मेलन में क्षेत्रीय पड़ोसी चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के नेता ट्रंप एवं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलेंगे।
उत्तर कोरिया के पास अमेरिका तक मार करने वाली मिसाइल होने की पुष्टि करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने कहा कि आईसीबीएम का परीक्षण अमेरिका, हमारे सहयोगियों और साझेदारों, क्षेत्र ही नहीं पूरी दुनिया पर मंडराते खतरे में बढ़ोतरी का प्रतीक है।
रूस और चीन ने मंगलवार को परीक्षण की निंदा की थी और यूरोपीय संघ उत्तर कोरिया पर अतिरिक्त प्रतिबंधों पर विचार कर सकता है। सम्मेलन के दौरान सभी की नजरें ट्रंप पर होंगी, जिन्होंने संकल्प लिया है कि उत्तर कोरिया का आईसीबीएम हासिल करने का लक्ष्य कभी पूरा नहीं होने दिया जाएगा।
ट्रंप ने लगातार चीन पर दबाव बनाया है कि वह अपने उग्र पड़ोसी पर लगाम लगाए। सबसे ज्यादा इंतजार उस क्षण का किया जा रहा है, जब ट्रंप पुतिन से मुलाकात करेंगे। ऐसे आरोप लगते रहे हैं कि पुतिन ने हैकरों और फर्जी खबरों के जरिए ट्रंप को मदद पहुंचाई, जिससे ट्रंप का व्हाइट हाउस में पहुंचना संभव हुआ।