उत्तर कोरिया ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उसे सैन्य कार्रवाई के लिए उकसाया गया तो वह जवाबी हमला करेगा।
रविवार को प्योंगयांग ने दो टूक कहा कि उसने अपनी दूसरी अंतर महाद्वीपीय बैलेस्टिक मिसाइल (आईसीबीएम) का परीक्षण अमेरिका को यह चेतावनी देने के लिए किया है कि वह उस पर नए प्रतिबंध लगाने के बारे में न सोचे। उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग-उन ने कहा कि उनका देश अमेरिका के किसी भी हिस्से पर हमला करने में समक्ष है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर कोरिया के इस परीक्षण से जुड़ी जो तकनीकी जानकारी बाहर आई है, उससे संकेत मिलते हैं कि यह उस आईसीबीएम से कहीं ज्यादा ताकतवर है, जिसका परीक्षण 4 जुलाई को किया गया था।
यह अमेरिका के पूर्वी छोर तक जाने में सक्षम है। उत्तर कोरिया के पहले बैलेस्टिक मिसाइल टेस्ट के बाद से दुनिया भर के देश सतर्क हैं। अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र और इसके साथ द्विपक्षीय संबंध रखने वाले देशों पर दबाव बनाया कि वह प्योंगयांग पर प्रतिबंध लगाए। वहीं, अमेरिकी सीनेट ने शुक्रवार को उत्तर कोरिया पर नए प्रतिबंध की घोषणा की।
इस बीच, उत्तर कोरिया के विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिकी नेतृत्व वाले अभियान के चलते प्योंगयांग को अपना हथियार कार्यक्रम जारी रखने का मकसद मिल गया है।
उत्तर कोरिया की एजेंसी केसीएनए के मुताबिक, ‘आईसीबीएम के परीक्षण का मतलब अमेरिका को चेतावनी देना है। अमेरिका बेकार की बयानबाजी कर रहा है। वह हम पर प्रतिबंध को लेकर सही वजह नहीं बताया पा रहा है और डीपीआरके पर दबाव बनाने का अभियान चला रहा है।’