उत्तरी कोरिया द्वारा मलयेशिया के नागरिकों को देश छोड़कर जाने से रोक लगाने के बाद मलयेशिया ने भी इसी कार्रवाई को दोहराया और उत्तरी कोरियाई नागरिकों को देश छोड़ने से रोक दिया। उत्तरी कोरिया ने यह कार्रवाई इसलिए की क्योंकि मलयेशिया की पुलिस ने अपनी जांच में पाया था कि किम जोंग उन के सौतेले भाई किम जोंग नम की हत्या से जुड़े तीन आरोपी उत्तरी कोरिया के दूतावास में छुपे हुए हैं।
मलयेशिया के पीएम नजीब रजाक ने उत्तरी कोरिया पर उनके देश के नागरिकों को बंधक बनाने का आरोप लगाया और राष्ट्रीय सुरक्षा काउंसिल की आपात बैठक बुलाई। मलयेशिया ने भी उत्तर कोरिया के दूतावास के लोगों को देश न छोड़ने के लिए कहा और दलील दी कि ‘ऐसा करने की जरूरत है’। इससे पहले मलयेशिया ने उत्तर कोरिया के राजदूत कांग चोल को भी निष्कासित कर दिया था क्योंकि वह उनके देश के नेता के सौतेले भाई की हत्या की जांच में उलट-फेर करने की कोशिश कर रहे थे।
उत्तर कोरिया को सेंट्रल न्यूज एजेंसी ने विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि जब तक मलयेशिया में हुई घटना का हल नहीं निकल जाता है तब तक उत्तर कोरिया में रह रहे सभी मलयेशिया के नागरिकों को देश छोड़कर जाने की अनुमति नहीं होगी। किम योंग उन के भाई की हत्या से पहले तक दोनों देशों के बीच काफी अच्छे संबंध थे, लेकिन हत्या के बात रिश्तों में खटास आ गई है। उत्तर कोरिया ने हत्या के सिलसिले में मलयेशिया के आरोपों को खारिज करते हुए जांच ठीक ढंग से नहीं करने का आरोप लगाया था।