नेपाल ने भारत से दो टूक कहा है कि घरेलू राजनीति को विदेशी रिश्ते से नहीं जोड़ना चाहिए। नेपाल ने इसीलिए दोनों देशों के बीच कुछ संधियों की समीक्षा पर जोर दिया है। नेपाली राजदूत दीप कुमार उपाध्याय ने कहा कि अब समय आ गया है जब बाधाओं की पहचान कर सार्क बैठक को फिर से शुरू कर सकें। विदेशी पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि पाकिस्तान के बिना भी क्षेत्रीय समूह आगे बढ़ सकता है।
उपाध्याय ने इस पर जोर दिया कि नेपाल सरकार मधेसी समुदाय की मांगों को पूरा करने और देश में लोकतंत्र को आगे बढ़ाने के लिए कठिन परिश्रम कर रही है। उन्होंने कहा कि इन मुदों को सुलझाने के लिए नेपाल सरकार दो संविधान संशोधन ला रही है और इस कदम को सकारात्मक रूप से देखा जाना चाहिए।
नेपाली दूत ने कहा कि हम इसमें विश्वास करते हैं कि हमें विदेशी रिश्तों और आंतरिक दलगत राजनीति को मिलाने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह हमारे राष्ट्रहित में हानिकारक है। उन्होंने कहा कि जो समस्याएं हैं उनकी पहचान कर सार्क सम्मेलन की बाधा को दूर करना चाहिए।