फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फ्रांस के नए राष्ट्रपति के पास एक भी सांसद नहीं, करेंगे गठबंधन

Mon, 08 May 2017 11:21 PM IST
amarujala.com-Presented by- संदीप भट्ट
विज्ञापन
विज्ञापन
फ्रांस में रविवार को हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में इमैनुएल मैक्रों ने अपनी प्रतिद्वंद्वी मारी ली पेन को हराकर देश के इतिहास में नेपोलियन के बाद सबसे युवा राष्ट्रपति बनने का गौरव तो हासिल कर लिया है लेकिन अब उन्हें सबसे बड़ी चुनौतियों से जूझना होगा। सिर्फ तीन साल की कोशिशों में राष्ट्रपति बनने वाले मैक्रों की पार्टी के पास एक भी सांसद नहीं है, क्योंकि उन्होंने न तो अपना चुनाव वामपंथी सोशलिस्ट पार्टी से लड़ा और न ही दक्षिणपंथी सेंटर राइट रिपब्लिकन पार्टी से। इस कारण अब उन्हें सरकार चलाने या कई अहम फैसलों के लिए गठबंधन का सहारा लेना पड़ेगा।
विज्ञापन


अपनी पार्टी में बिना किसी सांसद के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतकर सत्ता हासिल करना भी इमैनुएल मैक्रों के लिए एक ऐतिहासिक कवायद है। चूंकि फ्रांस की संसद में फिलहाल वामपंथी और दक्षिणपंथी सांसद है इसलिए जून में होने वाले संसदीय चुनावों में जीत हासिल करना मैक्रों के लिए सबसे पहली चुनौती होगी। इससे पहले अगले हफ्ते से उन्हें नई सरकार का गठन शुरू करना है। ऐसे में संसदीय चुनाव से पहले नई सरकार का गठन करना भी बड़ी चुनौती होगी। स्थानीय मीडिया फिलहाल यह आकलन कर रहा है कि मैक्रों अपना प्रधानमंत्री किसे चुनेंगे। 

उधर मैक्रों की प्रतिद्वंद्वी ने मारी ली पेन ने चुनाव में सार्वजनिक रूप से अपनी हार स्वीकार करते हुए सोमवार को लोगों से कहा कि - ‘आगामी माह में फ्रांस को आपकी जरूरत है’, जबकि फ्रांस के नए राष्ट्रपति ने भी अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि - ‘यह फ्रांस की जीत है। यह फ्रांस के इतिहास का नया अध्याय है और मैं चाहता हूं कि यह पन्ना आशा और भरोसे का हो।’ इस बीच मैक्रों की टीम का कहना है कि  नए राष्ट्रपति ने प्रतिद्वंद्वी मारी ली पेन से टेलीफोन पर बात की है जो काफी अच्छी रही।  
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें