किसी की निजी फोटो या अंतरग पलों को सोशल मीडीया पर अंजान व्यक्ति द्वारा शेयर करने पर अक्सर विवाद सामने आते रहते हैं। लेकिन अब इस तरह की हरकत करने पर ऐसे लोगों के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया में सख्त कानून बनाने की मांग उठ रही है। शोधकर्ताओं ने सर्वे के आधार पर सोमवार को ऑस्ट्रेलिया सरकार से आग्रह किया है कि अनुमति के बिना अंतरंग फोटो खींचने या वीडियो बनाने का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग हो रहा है, इसलिए सख्त कानून बनाया जाना चाहिए।
4,200 से अधिक लोगों पर की गई सरकार द्वारा फंडिड नेशनल स्टडी से पता चला है कि हर पांच ऑस्ट्रेलियाई में से एक इस तरह की हरकत का शिकार हुआ है, जिनमें उसकी सहमति के बिना तस्वीरें ली गईं और फिर उन्हें सोशल साइट्स पर शेयर करने की धमकियां दी गईं।
मोनाश यूनीवर्सिटी और आरएमआईटी यूनीवर्सिटी के शिक्षाविदों ने पाया कि बिना सहमति किसी की फोटो लेने के मामलो में पुरुषों और महिलाओं को समान रूप से शिकार बनाया जाता है। साथ ही लेस्बियन, गे और बाइसेक्सुअल को भी शिकार बनाया जा रहा है।
सर्वे करने वाले शोधकर्ताओं का मानना है कि ऑस्ट्रेलिया में व्यापक स्तर पर यह एक मुख्य चिंता का विषय है। इसके लिए कानून को मजबूत बनाने की जरूरत है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तरह के मामले तेजी से बढ़े रहे हैं और कानून को ऐसे लोगों को पकड़ने में संघर्ष करना पड़ा रहा है। मोनाश यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ क्रिमिनोलॉजी लेक्चरर ऐशर फ्लिन ने कहा कि हमारे सर्वे में सिर्फ पीड़ितों को शामिल किया गया है जो इस बात को जानते थे कि उनकी तस्वीरें शेयर की गई हैं।
ऑस्ट्रेलिया में इस वक्त बिना किसी की इजाजत के फोटो शेयर करने के लिए व्यापक स्तर पर कोई कानून नहीं है। फिलहाल केवल विक्टोरिया और दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में विशेष कानून हैं जहां बिना सहमति के अंतरंग फोटो को शेयर करने पर केस चल सकता है।