नेतन्याहू, पीएम मोदी (फाइल फोटो)
इस्राइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान परमाणु समझौते को जारी रखने या रद करने के मुद्दे पर विश्व स्तर के तीन कद्दावर नेताओं के साथ अपने विचारों को साझा किया। इनमें ऑस्ट्रेलियाई पीएम मैल्कम टर्नबुल और ब्रिटिश पीएम टेरीजा मे के अलावा भारत के पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं। नेतन्याहू ने मोदी को ईरान घटनाक्रम से जुड़ी हर जानकारी साझा की।
इस्राइली पीएम के मीडिया सलाहकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया के तीनों अहम नेताओं के साथ क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की। नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु संग्रह को लेकर जानकारी देते हुए नेतन्याहू ने बताया कि उन्होंने इस बारे में हर तरह के दस्तावेजों का खुलासा किया है। उन्होंने मीडिया को भी एक लाख से अधिक दस्तावेज साझा करने की बात कही। इन दस्तावेजों को इस्राइल की जासूसी एजेंसी मोसाद ने तेहरान के एक गोदाम से हासिल किया है।
मोदी से साथ जानकारी साझा करते हुए नेतन्याहू ने कहा कि उनके दस्तावेजों के खुलासे से परमाणु हथियार हासिल करने के लिए ईरान की गोपनीय कोशिशें कथित तौर पर साबित हुई हैं। नेतन्याहू ने अपने दफ्तर में संवाददाताओं को बताया कि ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के नेताओं ने उनसे कहा है कि वे भी इन दस्तावेजों को देखना चाहते हैं, क्योंकि खुलासे के बारे में जानने की उनकी काफी रुचि है।
खुफिया पेशेवर करेंगे दस्तावेजों का विश्लेषण
बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि लंदन, पेरिस और बर्लिन के खुफिया पेशेवर इस्राइल द्वारा पेश दस्तावेजों का विश्लेषण करने इसी सप्ताह येरुशलम आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन से भी कहा कि इन दस्तावेजों देखने के लिए उनका स्वागत है। इन दस्तावेजों के विश्लेषण के लिए चीन और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख को भी आमंत्रित किया गया है।