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भारत के खिलाफ गरजे नेपाल के तीन पूर्व पीएम

Fri, 17 Mar 2017 05:22 AM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
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महेंद्रनगर/काठमांडू (नेपाल)। नेपाल के कंचनपुर जिला मुख्यालय महेंद्रनगर में बृहस्पतिवार को हुई नेकपा एमाले की जनसभा में पार्टी के राष्ट्रीय नेता और तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों ने लखीमपुर खीरी बार्डर की घटना को लेकर भारत पर गरजे। उन्होंने तनाव के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराते हुए एसएसबी की गोली से शहीद हुए गोविंद गौतम को भारत से भी उचित मुआवजा दिए जाने की वकालत की। नेकपा एमाले अध्यक्ष केपी शर्मा ओली ने यहां तक कह डाला कि इस प्रकरण में भारत को नेपाल और नेपाली जनता से माफी मांगनी पड़ेगी।
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स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा के बाद पार्टी के पक्ष में माहौल तैयार करने को नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एमाले) ने मैची से महाकाली अंचल तक जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। महेंद्रनगर स्टेडियम में इसी अभियान की आखिरी जनसभा को संबोधित करते हुए नेकपा एमाले के राष्ट्रीय अध्यक्ष, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, पूर्व प्रधानमंत्री माधव नेपाल और पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल ने हाल ही में यूपी के लखीमपुर जिले से लगी बसही सीमा पर पुलिया निर्माण को लेकर उपजे विवाद के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने विवाद के दौरान शहीद हुए गोविंद गौतम के परिजनों को पार्टी की ओर से पांच लाख रुपये का चेक परिजनों सौंपा। उन्होंने गौतम के परिजनों को भारत की ओर से भी उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। कहा कि नेपाल की भूमि पर भारतीय हस्तक्षेप को उनकी पार्टी किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी।
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एमाले नेताओं ने कहा कि प्रचंड सरकार जनता के विश्वास पर खरी नहीं उतर पाई है। उन्होंने जनता से निकाय चुनाव में सत्ता में काबिज पार्टियों को सबक सिखाने का आह्वान किया। सभा को पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पूर्व मंत्री ईश्वर पोखरेल, एमाले उपाध्यक्ष पूर्व गृह मंत्री भीम रावल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वामदेव गौतम ने भी संबोधित किया।


वाहन लेकर नेपाल जाने पर रोक बरकरार
टनकपुर। लखीमपुर जिले से लगी नेपाल सीमा पर पुलिया निर्माण से उपजे विवाद से सीमांत क्षेत्रों में तनाव के हालात सुधरने नजर नहीं आ रहे हैं। बनबसा, टनकपुर बॉर्डर से भारतीय वाहन लेकर नेपाल जाने पर सुरक्षा एजेंसियों की रोक बरकरार है। अलबत्ता पैदल आवाजाही जारी है।
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