चीन के ओबीओआर और सीपीईसी के प्रोजेक्ट को नकार चुके भारत के लिए एक और बुरी खबर है। अपने महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) पर काम कर रहे चीन ने इस ओर अपने कदम तेज कर दिए हैं। अब जल्द ही भारत का पड़ोसी देश नेपाल, चीन के इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने जा रहा है। इसके साथ ही दोनों देश एक रेल परियोजना के तहत भी एक-दूसरे से जुड़ने जा रहे हैं।
ऐसे में नेपाल और चीन के करीब आने से स्थितियां भारत के लिए चिंतित करने वाली हैं। हालांकि चीन चाहता है कि भारत भी चीन की इस बड़ी आर्थिक परियोजना का हिस्सा बने, लेकिन भारत इसका हिस्सा बनने के लिए तैयार नहीं है।
भारत के इस प्रोजेक्ट में शामिल न होने की बड़ी वजह ये है कि चीन-पाक आर्थिक गलियारा भी ओबीओआर का ही हिस्सा है और भारत सीपीईसी की मुखालफत बड़े स्तर पर कर चुका है। सीपीईसी के विरोध की वजह इसका पाक अधिकृत कश्मीर (POK) से गुजरना है। इसके साथ ही अगले महीने 14 मई को चीन वन बेल्ट वन रोड (ओबीओआर) सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। इस सम्मेलन में नेपाल का एक प्रतिनिधिमंडल भी चीन जा रहा है। ऐसे में भारत की मुश्किलें इस नजदीकी से बढ़ सकती हैं।
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